‘कभी पीछे नहीं हटेगा यूक्रेन…’, पुतिन के सीजफायर वाले बयान पर जेलेंस्की का पलटवार

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Russia Ukraine News: यूक्रेन में शांति स्थापित करने की कवायदों के बीच रूस ने फिर से अपनी कुछ शर्तें दोहरा दी हैं.  रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने हालिया बयान में कहा कि यूक्रेन के साथ सीजफायर समझौता तभी हो सकता है, जब वह अपने सैनिकों को हटा दे. रूस के इस बयान पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने प्रतिक्रिया दी है.

जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि रूस चाहता है कि यूक्रेन गलतियां करे.  हम कोई गलती नहीं करेंगे. हमारा काम जारी है. हमारा संघर्ष जारी है. उन्होंने कहा कि हमें पीछे हटने या एक-दूसरे पर हमला करने का कोई अधिकार नहीं है. यदि हम अपनी एकता खो देते हैं, तो हम सब कुछ खोने का जोखिम उठाते हैं, खुद को, यूक्रेन को, और अपने भविष्य को.

हमें अपनी जमीन पर डटे रहना चाहिए: जेलेंस्की

यूक्रेनी राष्‍ट्रपति ने कहा कि हमें एकजुट रहना होगा. हमें अपनी जमीन पर डटे रहना होगा. कोई और विकल्प नहीं है. दूसरा यूक्रेन कभी नहीं बनेगा. हम यूक्रेन की रक्षा करते हैं. यूक्रेन की यह प्रतिक्रिया रूस के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उसने कहा था कि बिना किसी शर्त के सीजफायर संभव ही नहीं है. सीएसटीओ एक रीजनल अलायंस है जो सोवियत के बाद के कुछ देशों को एक साथ लाता है.

युद्ध खत्म करने के लिए आ रहे फोन: जेलेंस्‍की   

रूसी मीडिया के अनुसार राष्ट्रपति पुतिन कलेक्टिव सिक्योरिटी ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (सीएसटीओ) के समिट के लिए किर्गिज पहुंचे थे. इस दौरान रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि सीजफायर तभी हो सकता है जब यूक्रेन रूस के उन इलाकों से अपने सैनिक हटा ले जिन पर वह अपना दावा करता है. हमें अभी भी यहां-वहां से युद्ध खत्म करने के लिए फोन आ रहे हैं. यूक्रेनी सैनिक उन इलाकों से हट जाएंगे जिन पर उनका कब्जा है, और फिर लड़ाई खत्म हो जाएगी. अगर वे नहीं हटते हैं, तो हम मिलिट्री तरीकों से ऐसा करेंगे.”

कोई विकल्प नहीं, कुछ चीजें बेसिक

रूसी मीडिया के मुताबिक, रूसी राष्ट्रपति ने गुरुवार को किर्गिस्तान के बिश्केक में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि “अभी किसी भी आखिरी विकल्प के बारे में बात करना मेरे लिए अशिष्टता होगी, क्योंकि कोई विकल्प नहीं है, लेकिन कुछ चीजें बेसिक हैं.”

बता दें कि रूसी राष्‍ट्रपति पुतिन से मिलने के लिए ट्रंप के आदेश पर उनके खास दूत स्टीव विटकॉक को मॉस्को भेजा था. पुतिन के साथ विटकॉक की मुलाकात के बाद रूसी राष्ट्रपति का ये बयान सामने आया है.

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