Russia Ukraine War : काफी लंबे समय से रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध अभी तक जारी है. बता दें कि जमीन और हवा में हमला करने के बाद अब समंदर को निशाना बनाया गया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार उसने यूक्रेन की नौसेना के जहाज पर हमला कर दिया. इसके साथ ही हमले के दौरान टोही जहाज के डूबने की खबर है. इस मामले को लेकर रूसी रक्षा मंत्रालय का कहना है कि यह जहाज लगुना-श्रेणी का मध्यम आकार का जहाज था. खासतौर से ये विमान टोही मिशनों के लिए डिज़ाइन किया गया था. जिसका एक हिस्सा यूक्रेन के ओडेसा क्षेत्र में स्थित है. मीडिया रिपोर्ट ने इसकी पुष्टि कर जानकारी दी है.
एक चालक दल के सदस्य की मौत
यूक्रेनी अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि जहाज पर हमला हुआ है, ऐसे में हमले के दौरान एक चालक दल के सदस्य की मौत हो गई और कई नाविक घायल भी हुए. इस दौरान यूक्रेनी प्रवक्ता का कहना है कि हमले के बाद की स्थिति से निपटने के प्रयास जारी हैं.
यूक्रेन की नौसेना को बड़ा झटका
प्राप्त जानकारी के अनुसार साल 2019 में सिम्फेरोपोल को लॉन्च किया गया था. बता दें कि कुछ साल पहले इसे यूक्रेनी नौसेना में शामिल किया गया था और साल 2014 में कीव के तरफ से लॉन्च किया गया. जो कि सबसे बड़ा जहाज है. इसे मुख्य रूप से टोही और निगरानी अभियानों के लिए इस्तेमाल किया जाता है. ऐसे में इस मामले को लेकर मीडिया रिपोर्ट का कहना है कि यह यूक्रेन की नौसेना क्षमता पर एक बड़ा झटका बताया.
मानवरहित नौसैनिक प्रणालियां साबित हुई प्रभावशाली
रूसी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह पहली बार था जब किसी नौसैनिक जहाज को सफलतापूर्वक समुद्री ड्रोन से निशाना बनाया गया. आज के समय में इस घटना से यह साबित होता है कि आधुनिक युद्ध में मानवरहित नौसैनिक प्रणालियां (Naval Drones) कितनी प्रभावशाली साबित हो रही हैं.
दोनों देशों के बीच बढ़ते युद्धका असर
हाल के महीनों में रूस ने नौसैनिक ड्रोन और अन्य Unmanned Systems के उत्पादन में काफी बढ़ोत्तरी हुई है. इसके साथ ही अब यह इसमें काफी हद तक निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं. ऐसे में रूस ने दावा करते हुए कहा कि उसने कीव में एक प्रमुख ड्रोन फैक्ट्री पर मिसाइल हमला किया. इस हमले को देखते हुए यह स्पष्ट होता है कि युद्ध में अब हवाई और नौसैनिक ड्रोन की अहमियत तेजी से बढ़ रही है.
इसे भी पढ़ें :- भारत का सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बड़ा कदम: अश्विनी वैष्णव ने गुजरात में पहली एंड-टू-एंड OSAT पायलट लाइन की लॉन्च