Donald Trump on MBS: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक सऊदी-समर्थित निवेश फोरम में भाषण के दौरान देश के क्राउन प्रिंस को लेकर विवादास्पद टिप्पणी कर दी, जिससे माहौल सहज नहीं रह गया. वैश्विक व्यापार नेताओं और नीति निर्माताओं की मौजूदगी वाले इस उच्च-स्तरीय कार्यक्रम में ट्रंप ने सऊदी क्राउन प्रिंस पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने उन्हें गलत आंका था. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- ‘उन्हें नहीं लगा था कि ऐसा होगा.
कार्यक्रम में मौजूद कई लोग हैरान
उन्हें नहीं लगा था कि वह मेरी इतनी तारीफ करेंगे… उन्हें लगा था कि मैं एक सामान्य अमेरिकी राष्ट्रपति की तरह रहूंगा, ऐसे देश का जो नीचे जा रहा है, लेकिन अब उन्हें मेरे साथ अच्छा व्यवहार करना पड़ रहा है.’ इस बयान के बाद कार्यक्रम में मौजूद कई लोग हैरान रह गए, क्योंकि यह मंच आमतौर पर कूटनीतिक और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है.
समझदार इंसान हैं क्राउन प्रिंस
हालांकि बाद में ट्रंप ने अपने सुर कुछ नरम किए और क्राउन प्रिंस की तारीफ करते हुए कहा कि वह एक समझदार और बहुत सामान्य किस्म के इंसान हैं. उन्होंने एक साल पहले कहा था कि तुम एक ‘मरे हुए देश’ थे और अब दुनिया का सबसे ‘हॉट’ देश बन गए हो और यह सब तब हुआ जब हमने ईरान को कड़ी टक्कर दी.
अजीबोगरीब बयानों के लिए भी जाने जाते हैं ट्रंप
दरअसल, ट्रंप को उनकी नीतियों के साथ-साथ उनके अजीबोगरीब बयानों के लिए भी जाना जाता है. कभी वे कहते हैं कि वेनेजुएला के असली राष्ट्रपति वही हैं तो कभी कहते हैं कि ईरान उन्हें अपना सुप्रीम लीडर बनाने चाहता है. अपने भाषण में ट्रंप ने पश्चिम एशिया की स्थिति, खासकर ईरान के साथ तनाव पर भी विस्तार से बात की. उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र जल्द ही ईरानी आक्रामकता से मुक्त हो सकता है.
मिडिल ईस्ट के उदय के हम पहले से कहीं ज्यादा करीब
उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट के उदय के हम पहले से कहीं ज्यादा करीब हैं, औ ये आखिरकार ईरानी आतंक, आक्रामकता और परमाणु ब्लैकमेल से मुक्त होगा. ट्रंप ने आगे कहा कि 47 वर्षों से ईरान को मध्य पूर्व का बुली माना जाता रहा है, लेकिन अब वह स्थिति में नहीं है और वह पीछे हट रहा है.
सिर्फ इजरायल नहीं बल्कि पूरे मध्य पूर्व को बचाया
ट्रंप ने हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि हमने सिर्फ इजरायल को नहीं बचाया बल्कि पूरे मध्य पूर्व को बचाया है. यह उन रॉकेट हमलों से साबित हुआ जो आप पर किए गए. सऊदी अरब को भी काफी नुकसान हुआ. यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव जारी है. अमेरिका ने बातचीत की समय सीमा बढ़ाई है और संभावित सैन्य कार्रवाई को फिलहाल टाल दिया है.
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