बांग्लादेश में कट्टरपंथियों ने सात मूर्तियां तोड़ी, दुर्गा पूजा से पहले मंदिर में घुसकर हमला, जांच में जुटी पुलिस

Dhaka: बांग्लादेश के तंगेल जिले के मिर्जापुर उपजिला में दुर्गा पूजा से पहले एक मंदिर में बनाई जा रही सात मूर्तियां अज्ञात लोगों ने खंडित कर दीं. बांग्लादेश में हिंदू धार्मिक स्थलों पर हमलों को लेकर बढ़ती चिंता के बीच यह घटना सामने आई है. मंदिर प्रशासन और पुलिस के अनुसार, मिर्जापुर के जमुरकी पश्चिमपाड़ा इलाके में बुधवार रात से गुरुवार सुबह के बीच मूर्तियों में तोड़फोड़ की गई. स्थानीय लोगों ने बताया कि जमुरकी आर्य समिति के तहत इस मंदिर में करीब 85 वर्षों से दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है.

मूर्ति समेत सात मूर्तियां तैयार

मंदिर में इस साल दुर्गा पूजा की तैयारियां चल रही थीं. मुख्य देवी दुर्गा की मूर्ति समेत सात मूर्तियां लगभग तैयार हो चुकी थीं और केवल रंगाई का काम बाकी था. जमुरकी आर्य समिति के अध्यक्ष प्रकाश बकाली ने बताया कि हम बुधवार रात करीब 10 बजे तक मंदिर में थे. इसके बाद घर चले गए. गुरुवार सुबह जब मंदिर लौटे तो मूर्तियां टूटी हुई मिलीं. उन्होंने कहा कि हमें नहीं पता कि यह किसने किया. हमने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है. अब हमारी मांग है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां जिम्मेदार लोगों का पता लगाएं और उन्हें कानून के दायरे में लाएं.

जताई जा रही चिंताओं से जोड़ा

घटना की पुष्टि करते हुए तंगेल के सहायक पुलिस अधीक्षक अदनान मुस्तफिज ने बताया कि कुछ मूर्तियां आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मिली हैं. उन्होंने कहा कि हम दोषियों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाने के लिए जांच कर रहे हैं. जरूरी सुरक्षा व्यवस्था भी की गई है. रिपोर्ट में इस घटना को बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों और अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों को लेकर जताई जा रही चिंताओं से जोड़ा गया है. स्थानीय मीडिया के मुताबिक, पिछले महीने फरीदपुर शहर के उत्तर कालीबाड़ी मंदिर से देवी काली की मूर्ति के साथ कई आभूषण और धार्मिक वस्तुएं चोरी हो गई थीं.

गठबंधन सरकार के कार्यकाल का जिक्र

रिपोर्ट के मुताबिक, चोरी हुई वस्तुओं में देवी काली की मूर्ति, उस पर चढ़ाए गए करीब 7 से 8 तोला सोने के आभूषण, भगवान विष्णु, राधा-कृष्ण और मनसा की पीतल की छोटी मूर्तियां शामिल थीं. इसके अलावा शिवलिंग के चारों ओर रखा करीब 8 से 10 तोला वजन का चांदी का सांप भी चोरी होने की बात कही गई थी. हाल ही में अवामी लीग ने 2001 से 2006 तक रही बीएनपी-जमात-ए-इस्लामी गठबंधन सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए आरोप लगाया था कि उस अवधि में अल्पसंख्यक समुदायों के साथ जो घटनाएं हुई थीं, वैसी स्थिति 2026 में फिर दिखाई दे रही है.

घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि

अवामी लीग ने मंदिरों पर हमले, घरों में आगजनी, जमीन कब्जाने, महिलाओं के खिलाफ हिंसा और हिंदुओं के देश छोड़ने के लिए मजबूर होने के आरोप लगाए थे. ये अवामी लीग के आरोप हैं और संबंधित घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है.

इसे भी पढ़ें. ईरान ने होर्मुज में सात तेल टैंकरों को बनाया निशाना, ट्रंप के ‘बहुत जल्द’ युद्ध खत्म होने के दावे के बीच हमला

Latest News

नवरात्रि व्रत के दौरान करें इन चीजों का फलाहार, पूरे दिन नहीं लगेगी भूख-प्यास

Navratri Diet 2026: 11 अक्टूबर से देवी उपासना के महापर्व नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है. हिंदू धर्म में...

More Articles Like This

Exit mobile version