Southern Lebanon: लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने स्थानीय कृषि यूनियन नेताओं से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने कहा कि इजरायल के साथ जारी प्रत्यक्ष वार्ता का उद्देश्य देश में जारी इजरायली सैन्य अभियानों को समाप्त करने का रास्ता तलाशना है.
राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, जोसेफ औन ने कहा कि “लेबनान ने वार्ता के लिए जो रूपरेखा तय की है, उसमें इजरायली सेना की वापसी, युद्धविराम, सीमाओं पर लेबनानी सेना की तैनाती, विस्थापित लोगों की वापसी और लेबनान के लिए आर्थिक एवं वित्तीय सहायता शामिल है. इसके अलावा किसी अन्य मुद्दे पर चर्चा की खबरें गलत हैं.”
युद्ध को रोकने के लिए करेंगे हर संभव प्रयास
उन्होंने कहा कि “मैं जिस पद पर हूं और जो मेरी जिम्मेदारी है उसके तहत मेरा कर्तव्य है कि मैं लेबनान और उसके लोगों के खिलाफ युद्ध को रोकने के लिए हर संभव प्रयास करूं, चाहे इसके लिए कितना भी कठिन कदम क्यों न उठाना पड़े.” औन ने आगे कहा कि “हम पहले भी युद्धों का अनुभव कर चुके हैं और देखा है कि उन्होंने लेबनान को किस स्थिति में पहुंचाया. क्या कोई है जो बाद में उसकी कीमत चुका सके?”
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि लेबनान में इजरायली हमलों में सात लोग मारे गए है. इजरायली हमलों में 16 मई तक 2,900 लोगों के मारे जाने की पुष्टि स्वास्थ्य मंत्रालय ने की थी. दरअसल, पिछले सप्ताह अमेरिका और लेबनान के राजदूतों के बीच वाशिंगटन में प्रत्यक्ष वार्ता का तीसरा दौर संपन्न हुआ था, जिसके बाद लेबनान में लागू नाजुक युद्धविराम को अगले 45 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया. इस दौरान भी हमले नहीं रुके हैं.
इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह के 30 से अधिक ठिकानों को बनाया निशाना
इजरायली सेना ने सोमवार को कहा कि उसने दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह के 30 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया है, जिनमें एक हथियार भंडार, निगरानी चौकियां और वे इमारतें शामिल हैं जिनका इस्तेमाल इजरायली बलों पर हमलों की तैयारी के लिए किया जा रहा था. सेना के अनुसार, इन हमलों में हिज्बुल्लाह के कई लड़ाके भी मारे गए.

