US-Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि US का इस बेहद अहम समुद्री रास्ते होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरा नियंत्रण है. ईरान ने पलटवार करते हुए साफ कहा कि होर्मुज अभी भी बंद है और जब तक तेहरान की शर्तें नहीं मानी जातीं, इसे खोला नहीं जाएगा. अमेरिका और ईरान अपने-अपने दावे कर रहे हैं, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि होर्मुज से जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है.
करीब 13 जहाज होर्मुज से गुजरे
केप्लर के आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार को पांच दिन के औसत में रोजाना करीब 13 जहाज होर्मुज से गुजरे. यह 12 मई के बाद सबसे निचले स्तर के करीब है. 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने से पहले यहां रोजाना औसतन 130 जहाज गुजरते थे. यानी आवाजाही करीब 90 फीसदी घट गई है. इसमें मालवाहक जहाजों से लेकर तेल टैंकर तक शामिल हैं. ईरान के पर्शियन स्ट्रेट गल्फ अथॉरिटी ने एक्स पर कहा कि अमेरिकी अधिकारियों के ये दावे और बार-बार की जा रही पोस्ट कि होर्मुज जलडमरूमध्य अब बंद नहीं है, हकीकत नहीं बदलते.
दोबारा नहीं खोला जाएगा होर्मुज
होर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी बंद है और ईरान की शर्तें स्वीकार किए जाने तक इसे दोबारा नहीं खोला जाएगा.’ इससे पहले ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा था कि अमेरिका के पास होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरा नियंत्रण है. मुझे लगता है कि हम इसे अपने पास ही रखेंगे. ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने होर्मुज खोलने के लिए कई शर्तें रखी हैं. इनमें अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करना, प्रतिबंधों में राहत, अमेरिकी सैनिकों की वापसी और युद्ध का मुआवजा शामिल है.
जून में अंतरिम समझौता
ईरान और अमेरिका के बीच जून में अंतरिम समझौता हुआ था, जिसमें सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई की तत्काल और स्थायी समाप्ति की बात कही गई थी. लेकिन यह समझौता ज्यादा दिन नहीं चला. ट्रंप ने 7 जुलाई को इसे ‘खत्म’ बताया, जबकि ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक सप्ताह बाद इसे ‘निलंबित’ कहा. अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने होर्मुज खोलने की प्रतिबद्धता पूरी नहीं की. तेहरान का कहना है कि अमेरिका ने अपनी प्रतिबद्धताएं तोड़ीं, जिसमें ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटाना और जब्त संपत्तियां जारी करना शामिल था.
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