Super Typhoon In-fa: एक तूफान गुजरने के बाद अभी लोग उबरे ही थे कि 240 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से नया सुपर टाइफून इन-फा तबाही मचाने को तैयार खड़ा है. ये तूफान उस आफत के ठीक 10 दिन बाद आ रहा है, जिसने कुछ दिनों के लिए लोगों की जिंदगी अस्त-व्यस्त कर दी थी. सुपर टाइफून इन-फा उन इलाकों को इंपैक्ट करने वाला है, जहां बीते 1 साल में पांच तूफान आ चुके हैं.
किन इलाकों में तबाही मचाएगा ‘सुपर टाइफून इन-फा’?
ये भयंकर तूफान ‘सुपर टाइफून इन-फा’ प्रशांत महासागर के ऊपर अपनी पूरी ताकत के साथ मंडरा रहा है और मारियाना द्वीपसमूह को बुरी तरह रौंद चुका है. डरावनी बात ये है कि इस इलाके के लोग अभी महज 10 दिन पहले आए ‘सुपर टाइफून चाम्पी’ के जख्मों से उबर भी नहीं पाए थे कि इन-फा ने उन पर महाआफत बनकर हमला बोल दिया है, जो इस एक ही साल में इस क्षेत्र से टकराने वाला पांचवां विनाशकारी टाइफून है.
समुद्र की सतह से उठती भयानक हवाएं और मूसलाधार बारिश पूरे इलाके को जलमग्न कर रही हैं. ऐसे में मौसम वैज्ञानिकों ने साफ चेतावनी जारी की है कि ये आफत यहीं थमने वाली नहीं है, बल्कि आने वाले दिनों में ये भयंकर तबाही मचाते हुए आसपास के समुद्री क्षेत्रों और जापान की सीमाओं की ओर रुख कर सकती है.
240 किमी/घंटे की रफ्तार से घूमा इन-फा
सैफिर-सिम्पसन हरिकेन विंड स्केल के मुताबिक ये तूफान ‘कैटेगरी 4’ के भयंकर और खौफनाक स्तर पर पहुंच चुका है. मतलब ये है कि इसके अंदर हवा की रफ्तार 240 किलोमीटर प्रति घंटे या उससे भी अधिक दर्ज की जा रही है.
- तबाही का सेंट: इन-फा का मुख्य केंद्र दूरदराज के एक ज्वालामुखी द्वीप एग्रीहान के ठीक ऊपर से गुजरा, जिसने वहां सब कुछ तहस-नहस कर दिया.
- गुआम बाल-बाल बचा: हालांकि इस द्वीप सीरीज का सबसे प्रमुख और बड़ा द्वीप गुआम तूफान के मुख्य केंद्र से थोड़ा दक्षिण में रह गया, लेकिन इसकी भयानक हवाओं और मूसलाधार बारिश ने वहां भी दहशत पैदा कर दी.
- समुद्र में उफान: तूफान के प्रभाव से समुद्र में कई मीटर ऊंची लहरें उठ रही हैं, जो तटीय इलाकों के इंफ्रास्ट्रक्चर को उखाड़ फेंकने के लिए काफी हैं.
ऐसे में मौसम एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक इसकी ताकत में उतार-चढ़ाव आ सकता है, लेकिन हवा की खौफनाक स्पीड और बारिश के तीखे तेवर कम होने के कोई संकेत नहीं हैं.
मूसलाधार बारिश और तबाही का मंजर
मौसम एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सुपर टाइफून इन-फा के साथ आ रही बारिश आम तूफानी बारिश नहीं है. ये बादलों का ऐसा फटना है जिसके आगे फ्लैश फ्लड की तबाही भी छोटी महसूस होने लगती है. जब हवा 240 की रफ्तार से चलती है और साथ में रुक-रुक कर मूसलाधार पानी गिरता है, तो पानी का दबाव कंक्रीट की मजबूत दीवारों को भी उखाड़ फेंकने का दम रखता है.
- सड़कों और पुलों पर खतरा: भारी बारिश और बहते पानी के तेज बहाव से सड़कें उखड़ जाती हैं और दूरदराज के द्वीपों का संपर्क पूरी दुनिया से कट जाता है.
- बिजली और संचार पूरी तरह ठप: 240 किमी/घंटे की हवाएं लोहे के बड़े-बड़े पोल और टेलीकॉम टावरों को मोड़ा या उखाड़ देती हैं, जिससे हफ्तों तक पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है.
- लैंडस्लाइड का भयानक खतरा: पहाड़ी व ज्वालामुखी द्वीपों पर इतना पानी गिर रहा है कि जमीन खिसकने से पूरे के पूरे इलाके मलबे में तब्दील हो सकते हैं.
जेट स्ट्रीम से टकराकर रुक सकता है तूफान
मौसम वैज्ञानिकों की नजर इस समय तूफान के आगे के रास्ते पर टिकी है. जापान के ऊपर से बहने वाली शक्तिशाली ‘जेट स्ट्रीम’ इस तूफान की चाल में बड़ा फेरबदल करने जा रही है. धीमी चाल, ज्यादा तबाही: जेट स्ट्रीम के संपर्क में आने के बाद ये महातूफान सप्ताहांत पर कुछ समय के लिए धीमा पड़ सकता है या एक ही जगह पर ठहर सकता है. जब इतना खतरनाक तूफान एक ही जगह पर ठहर जाता है, तो वहां कई फीट पानी जमा हो जाता है और बाढ़ का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.
इसके बाद, अगले हफ्ते की शुरुआत में ये पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा और फिर पूर्वी एशिया से आने वाली दूसरी जेट स्ट्रीम के असर से उत्तर-पूर्व दिशा में मुड़ जाएगा. इस मोड़ की वजह से ये तूफान जापान के मुख्य भूभाग के दक्षिण से गुजरेगा, लेकिन अगले हफ्ते के अंत तक जापान के इजू या इवो द्वीपों पर इसकी भयंकर मार पड़ सकती है.