Washington: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया है. व्हाइट हाउस का कहना है कि यह कदम विदेशों में ईरान की हरकतों का सामना करने की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा है. ट्रंप ने एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किया है, जिसमें ईरान पर नेशनल इमरजेंसी को रिन्यू किया गया.
ईरान से सामान या सर्विस खरीदने वाले देशों को टारगेट
अमेरिका ने ईरान से सामान या सर्विस खरीदने वाले देशों को टारगेट करते हुए एक नया टैरिफ लगाने का ऐलान किया है. व्हाइट हाउस ने बयान जारी कर कहा कि ईरान से सीधे या अप्रत्यक्ष तरीके से कोई सामान या सर्विस खरीदने वाले, आयात करने वाले देशों पर अमेरिका अतिरिक्त टैरिफ लगाएगा.
ईरान आतंकवाद को स्पॉन्सर करने वाला देश
अमेरिकी सरकार ने अपने बयान में ईरान की न्यूक्लियर क्षमता की कोशिश, उसके बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम, आतंकवाद का समर्थन और मिडिल ईस्ट को अस्थिर करने वाली गतिविधियों का भी जिक्र किया. व्हाइट हाउस ने ईरान को दुनिया का सबसे बड़ा आतंकवाद को स्पॉन्सर करने वाला देश बताया. कहा कि तेहरान पूरे इलाके में प्रॉक्सी समूह और मिलिशिया को समर्थन करता है.
अमेरिकियों को मारा और घायल किया
इसमें उनके फोर्स भी शामिल हैं, जिन्होंने अमेरिकियों को मारा और घायल किया है, जो अमेरिकी सैनिकों, साझेदारों और साथियों को टारगेट करते हैं. अमेरिकी सरकार ने ईरान के अंदरूनी हालात की ओर इशारा करते हुए कहा कि सरकार ने न्यूक्लियर और मिसाइल प्रोग्राम पर देश के संसाधनों को खर्च किया जबकि देश का इंफ्रास्ट्रक्चर और आबादी संघर्ष कर रही है.
बुनियादी मानवाधिकारों को नकारा
व्हाइट हाउस ने ईरान पर अपने देश में गंभीर दमन का आरोप लगाया. इसमें कहा गया है कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों को मारा है. बुनियादी मानवाधिकारों को नकारा है और सत्ता बनाए रखने के लिए हिंसा का इस्तेमाल किया है. अमेरिका ने ईरान पर कट्टरपंथ फैलाने और शांति और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए किए जा रहे प्रयासों को कमजोर करने का भी आरोप लगाया है.
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