Washington: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हरकतों से सुप्रीम कोर्ट के बाद अब अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) भी तंग आ चुका है. आईएमएफ ने भी ट्रंप को अपनी हरकतों से बाज आने की सलाह दी है. IMF प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा कि ट्रंप अपने ट्रेडिंग पार्टनर के साथ मिलकर काम करने के रास्ते तलाशे, न कि उन पर दबाव और धमकी देकर ट्रेड करे.
दुनियाभर के व्यापार पर पड़ेगा गंभीर असर
IMF ने दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश की समीक्षा करते हुए कहा कि अगर टैरिफ को लेकर जारी तकरार जल्द समाप्त नहीं होती है तो दुनियाभर के व्यापार पर इसका गंभीर असर पड़ेगा. IMF ने डोनाल्ड ट्रंप के पहले साल के कार्यकाल की समीक्षा के बाद कहा कि अमेरिका को अपने ट्रेड डेफिसिट यानी व्यापार घाटे को कम करने के लिए घरेलू विनिर्माण बढ़ाने पर जोर देना चाहिए न कि सहयोगी देशों के साथ टैरिफ वॉर करना चाहिए.
भूमिका कम करने पर भी काम
इसके बजाय ट्रंप लगातार टैरिफ का सहारा ले रहे हैं, जो सप्लाई चेन और फाइनेंशियल मार्केट को डिस्टर्ब कर रहा है और इसका असर सिर्फ अमेरिका पर ही नहीं, पूरी दुनिया पर दिख रहा है. IMF ने कहा कि पिछले एक साल में ट्रंप प्रशासन ने प्रवासी कामगारों पर निर्भरता घटाने और फेडरल गवर्नमेंट की इकनॉमी में भूमिका कम करने पर भी काम किया गया.
गलत तरह के ट्रेड प्रैक्टिस से बचना चाहिए
IMF ने सुझाव दिया कि वॉशिंगटन को अपने ट्रेड पार्टनर के साथ सकारात्मक रूप से आगे बढ़ना चाहिए और गलत तरह के ट्रेड प्रैक्टिस से बचना चाहिए. अमेरिका को निगेटिव क्रॉस बॉडर इफेक्ट से बचने के लिए पॉलिसी और उत्पादन के लेवल पर काम करना चाहिए. IMF ने कहा कि जहां व्यापार और निवेश के उपाय (जैसे टैरिफ और निर्यात नियंत्रण) राष्ट्रीय सुरक्षा के कारण लागू किए जाते हैं, वहां ऐसी नीतियों को सीमित रूप से लागू किया जाना चाहिए.
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