Turkey Navy: इजरायल-हिजबुल्लाह जंग के बीच बेरूत पहुंची तुर्की नौसेना, जानिए क्या है मामला

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Turkey Navy: इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच चल रहा संघर्ष दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है. ऐसे में सभी देश वहां फंसे अपने अपने नागरिकों को वहां से निकालने में जुटें हुए है. इसी बीच तुर्किए ने भी अपने नागरिको को वहां से सुरक्षित बाहर निकालने के लिए नौसेना के जहाज भेजे हैं. बुधवार देर रात तुर्किये के 2,000 से अधिक नागरिक और कुछ विदेशी लोग इस पर सवार हुए.

बेरूत पहुंचे तुर्किए नौसेना के जहाज 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, तुर्किये के नागरिकों को नौसेना द्वारा संचालित टीसीजी बेराकटार और टीसीजी सैंकटर पोतों के माध्‍यम से स्वदेश पहुंचाया जाएगा. बुधवार की सुबह दक्षिणी तुर्किये स्थित मेर्सिन बंदरगाह से छह जहाज 300 टन मानवीय आपूर्ति लेकर बेरूत पहुंचे, जिनमें भोजन, स्वच्छता किट, बर्तन, तंबू, बिस्तर और कंबल शामिल हैं. तुर्किये के इस जहाजों पर जाने के लिए तुर्किये नागरिकों के अलावा बुल्गारिया, रोमानिया और कजाकिस्तान के लोग भी ने भी आवेदन किया था. हालांकि ये कितनी संख्‍या में थो इसकी जानकारी नहीं दी गई.

दस लाख से अधिक लोग हुए विस्थापित

वहीं, लेबनान में तुर्किये के राजदूत अली बारिस उलूसोय ने बेराकटार के सामने खड़े होकर कहा कि इजरायल की आक्रामकता ने लेबनान और हमारे भाइयों को बुरी तरह प्रभावित किया है.’’ बता दें कि इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच सितंबर महीने के मध्‍य से ही तनाव बढ़ा हुआ है, जिसके बाद से लेबनान में 1,300 से अधिक लोग मारे गए हैं. जबकि करीब दस लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं.

यह भी पढ़ें:-Italy: बोरिया बिस्तर बांधकर लौट जाओ अपने मुल्क.., PM जियोर्जिया मेलोनी ने किसे और क्यों सुनाया यह फरमान?

Latest News

Mobile Manufacturing Scheme: ₹62,500 करोड़ की नई स्कीम को मंजूरी, भारत बनेगा मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब

केंद्रीय कैबिनेट ने ₹62,500 करोड़ की मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (MPMS) को मंजूरी दे दी है. यह योजना 2026-27 से 2030-31 तक लागू रहेगी और मोबाइल उत्पादन, निर्यात, घरेलू विनिर्माण तथा रोजगार सृजन को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगी.

More Articles Like This

Exit mobile version