Typhoon Cempaka: इस बार दिवाली के जश्न और रोशनी के बीच मौसम का मिजाज बिगड़ता हुआ नजर आ रहा है. दरअसल, समुद्र में सेमपाका नाम का एक खतरनाक तूफान उठ चुका है, जो अपने रास्ते में आने वाली हर चीज को तबाह करने की तैयारी में है. ऐसे में मौसम विभाग ने भारी तबाही की आशंका जताई है. साथ ही चेतावनी दी है कि ये बड़ा खतरा अब तेजी से रिहायशी इलाकों की तरफ बढ़ रहा है. ऐसे में अगले 24 से 48 घंटे सबसे मुश्किल होने वाले हैं. इस तूफान की सबसे खतरनाक बात ये है कि इसकी पावर घर बीतते सेकेंड्स के साथ बढ़ने वाली है.
कहां आ रहा है तूफान सोमपाका?
किस कदर कहर बरपाएंगी ये हवाएं!
- तूफान की तेज रफ्तार: ये खूंखार सिस्टम इस समय लगभग 35 किलोमीटर प्रति घंटे की बेकाबू रफ्तार से पश्चिम दिशा की ओर तेजी से दौड़ रहा है. जब कोई चक्रवात इतनी रफ्तार से भागता है, तो वहां के प्रशासन और लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिलता!
- केंद्र के पास का प्रहार: इस तूफान के ठीक बीच यानी केंद्र के पास बहने वाली लगातार हवाओं की ताकत 18 मीटर प्रति सेकंड यानी करीब 64.8 किलोमीटर प्रति घंटा मापी जा चुकी है. इतनी रफ्तार तो आम दिनों में ही बड़े-बड़े टीन शेड उड़ाने के लिए काफी होती है.
- मौत के झोंके: सामान्य हवाओं से भी ज्यादा खतरनाक इसके वो अचानक आने वाले झोंके हैं जो किसी छप्पर या दीवार को एक झटके में गिरा सकते हैं. इस वक्त इसके केंद्र के आसपास हवा के ये घातक झोंके 25 मीटर प्रति सेकंड यानी पूरे 90 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से थप्पड़ मार रहे हैं!
- आने वाले 48 घंटों में और बढ़ेगा खतरा: आने वाले समय में ये शक्ति कई गुना बढ़ने वाली है. मौसम के आंकड़ों की मानें तो रविवार की मध्यरात्रि (12 AM) तक ये जब ओगासावारा द्वीप समूह के पास पहुंचेगा, तब इसका केंद्रीय दबाव गिरकर 1,000 हेक्टोपास्कल रह जाएगा और इसके झोंकों की रफ्तार बढ़कर सीधे 30 मीटर प्रति सेकंड यानी 108 किलोमीटर प्रति घंटा तक जा पहुंचेगी! 100 की स्पीड से चलने वाली ये हवाएं बस्तियों की बस्तियां उजाड़ने की ताकत रखती हैं.
सैकड़ों किलोमीटर तक पसरेगा मौत का साया!
- उत्तर दिशा का फैलाव: तूफान के केंद्र से उत्तर की तरफ लगभग 280 किलोमीटर की विशाल दूरी तक ये तूफानी हवाएं कोहराम मचा रही हैं.
- दक्षिण दिशा का फैलाव: वहीं दूसरी ओर, केंद्र से दक्षिण दिशा में भी 165 किलोमीटर के दायरे तक इसका भयंकर असर साफ देखा जा रहा है.
कैसे तबाही मचा सकता है तूफान?
- कच्चे और कमजोर घर: तटीय इलाकों में बनी झोपड़ियां, टिन या एस्बेस्टस की छत वाले मकान इस आंधी के सामने ताश के पत्तों की तरह बिखर जाएंगे. हवाएं छतों को ऐसे उड़ा ले जाएंगी जैसे कागज के टुकड़े हों.
- होर्डिंग्स और साइनबोर्ड्स: शहरों में लगे बड़े-बड़े विज्ञापन बोर्ड, लोहे के फ्रेम और सोलर पैनल उखड़कर सड़कों और लोगों के ऊपर आ गिरेंगे, जिससे बचना नामुमकिन हो जाएगा.
- बड़ी इमारतों के टूटे कांच: तेज हवा के दबाव और उसमें उड़कर आते भारी मलबे की टक्कर से गगनचुंबी इमारतों की कांच की खिड़कियां चकनाचूर हो जाएंगी.
- बिजली के खंभों का धराशायी होना: 70 से 100 किमी/घंटा की ये आंधियां बिजली के बड़े-बड़े ट्रांसमिशन टावरों और कंक्रीट के खंभों को जड़ से उखाड़कर फेंक देंगी. इससे पूरे इलाके में हफ्तों के लिए भयंकर ब्लैकआउट छा जाएगा.
- संचार व्यवस्था ध्वस्त: मोबाइल टावर और इंटरनेट की अंडरग्राउंड या ऑप्टिकल फाइबर लाइनें टूटने से संपर्क पूरी तरह कट जाएगा, जिससे बाहर की दुनिया से मदद मांगना भी बंद हो जाएगा.
- सदियों पुराने पेड़ जमींदोज: इस रफ्तार की हवाएं दशकों पुराने विशालकाय पेड़ों को उनकी जड़ों समेत उखाड़कर जमीन पर सुला देंगी.
- रास्तों का ब्लॉक होना: ये गिरे हुए पेड़ मुख्य मार्गों, हाईवे और पटरियों पर ऐसे बिछ जाएंगे कि एम्बुलेंस या राहत दल का निकलना भी असंभव हो जाएगा.
समुद्र का रौद्र रूप और तूफानी लहरें
मूसलाधार बारिश और खौफनाक भूस्खलन
हाई अलर्ट और प्रशासन की तैयारी
- समुद्र में जाने पर पूरी पाबंदी: मछुआरों और नाविकों को सख्त आदेश दिए गए हैं कि वे अपनी नावें सुरक्षित जगह बांध दें और भूलकर भी पानी की तरफ न जाएं.
- लोगों को सुरक्षित निकालना: तटीय और ढलान वाले खतरनाक इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित शेल्टर होम में शिफ्ट किया जा रहा है.
- आपातकालीन टीमों की तैनाती: राहत और बचाव कार्य चलाने के लिए आपदा टीमों और भारी मशीनों को अभी से मुस्तैद कर दिया गया है ताकि तबाही के तुरंत बाद मोर्चा संभाला जा सके.