UK: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर पर इस्तीफ़े का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है. पिछले हफ़्ते इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और वेल्स के स्थानीय चुनावों में लेबर पार्टी के ख़राब प्रदर्शन के बाद स्टार्मर के इस्तीफ़े की मांग तेज़ हो गई है. बता दें कि 70 से ज्यादा लेबर सांसदों ने स्टार्मर से इस्तीफा देने की अपील की है. यह अपील तब की गई जब सत्ताधारी पार्टी को स्थानीय और क्षेत्रीय चुनावों में भारी नुकसान उठाना पड़ा, जिससे सरकार के भीतर बढ़ता नेतृत्व संकट और गहरा गया है.
आम चुनाव तक लेबर पार्टी का नेतृत्व जारी
वहीं सोमवार को दबाव और तब और बढ़ गया जब चार मंत्री सहयोगियों ने इस्तीफा दे दिया और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने निजी तौर पर यह सवाल उठाया कि क्या स्टार्मर 2029 में होने वाले अगले आम चुनाव तक लेबर पार्टी का नेतृत्व जारी रख पाएंगे. विदेश सचिव यवेट कूपर और गृह मंत्री शबाना महमूद सहित कई कैबिनेट मंत्रियों ने स्टार्मर से लेबर पार्टी के खराब चुनावी प्रदर्शन के बाद सत्ता के सुचारू हस्तांतरण पर विचार करने का आग्रह किया.
औपचारिक मुकाबले की शुरुआत
लेबर पार्टी के नियमों के तहत नेतृत्व के लिए औपचारिक मुकाबले की शुरुआत करने के लिए 81 सांसदों की जरूरत होती है. बढ़ते विद्रोह के बावजूद स्टार्मर ने इस्तीफे की मांगों को खारिज कर दिया और जोर देकर कहा कि वह अपने नेतृत्व में विश्वास बहाल करने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे. लंदन में पार्टी समर्थकों को संबोधित करते हुए स्टार्मर ने कहा कि मुझे पता है कि मुझ पर शक करने वाले लोग हैं, और मुझे पता है कि मुझे उन्हें गलत साबित करना है और मैं ऐसा करूंगा.
इंग्लैंड में काउंसिल चुनावों में लेबर पार्टी की भारी हार
यह तीखी प्रतिक्रिया पूरे इंग्लैंड में काउंसिल चुनावों में लेबर पार्टी की भारी हार और स्कॉटलैंड और वेल्स में मिली असफलताओं के बाद सामने आई है. वेल्स में पार्टी ने 1999 के बाद पहली बार वेल्श संसद पर अपना नियंत्रण प्लेड सिम्रू पार्टी के हाथों खो दिया.
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