US Army Suicide Attempt: ईरानी जंग के खिलाफ अमेरिका के सबसे अहम युद्धपोतों में शामिल यूएसएस अब्राहम लिंकन 250 दिनों से ज्यादा समय से समुद्र में तैनात है, उसे करीब 200 दिनों से किसी बंदरगाह पर रुकने का मौका नहीं मिला. ऐसे में अब इसपर तैनात 5000 सैनिकों की मानसिक हालत खराब हो रही है, यहां तक की कई सैनिकों ने तो समंदर में कूदने तक की कोशिश की है. ऐसे में अब अमेरिका इस फाइटर जेट को ले जाने में सक्षम जंगी जहाज की जगह यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन को मिडिल ईस्ट भेजने की तैयारी कर रहा है.
थक चुके सैनिकों को मिलेगी राहत
अमेरिकी अधिकारियों ने बताया है कि अमेरिका यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन विमानवाहक पोत को मिडिल ईस्ट भेजने की तैयारी कर रहा है. यह पहले से तय रोटेशन प्लान के तहत यूएसएस अब्राहम लिंकन की जगह लेगा. बता दें कि लिंकन लंबे समय से समुद्र में तैनात है और इस दौरान बहुत कम बंदरगाहों पर गया है, जिसे लेकर अमेरिकी सांसदों ने जहाज पर सैनिकों की रहने की स्थिति को लेकर चिंता जताई है.
जहाज पर मौजूद सैनिकों की हालत खराब
बता दें कि लगातार तेज गति से चल रहे सैन्य अभियानों और इतने लंबे समय तक समुद्र में रहने का असर जहाज पर तैनात सैनिकों पर पड़ा है. मिलिट्री टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जहाज पर मौजूद कई सैनिकों ने आत्महत्या की कोशिश की है. लंबी तैनाती के मानसिक तनाव के साथ-साथ जहाज की बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी शिकायतें सामने आई हैं. इसी बीच कैलिफोर्निया से डेमोक्रेट सांसद माइक लेविन ने एक्स पर बताया कि जहाज पर सैनिक किन हालात का सामना कर रहे हैं. उनकी लिस्ट में “फफूंद लगे शॉवर, खराब टॉयलेट, कई हफ्तों से बंद लॉन्ड्री मशीनें, लंबे समय तक गर्म पानी नहीं मिलना और ऐसा खाना जिसमें आधा कप चावल और दो टॉर्टिला ही थे” शामिल थे.उन्होंने यह भी कहा कि जहाज पर साबुन, डियोड्रेंट और टूथपेस्ट तक नहीं था.
पानी की कमी, फफूंद लगे शॉवर और खराब लॉन्ड्री मशीनें
अप्रैल में जहाज पर मिलने वाले खराब और कम क्वांटिटी वाले खाने की तस्वीरें सामने आई थीं. इसके अलावा पानी की कमी, फफूंद लगे शॉवर और खराब लॉन्ड्री मशीनों की शिकायतें भी सामने आई थीं. अमेरिकी सांसदों का कहना है कि वे पेंटागन से जहाज पर सैनिकों की रहने की स्थिति और वहां मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं की खबरों के बारे में ज्यादा जानकारी मांग रहे हैं.