Washington: अमेरिका में पढ़ाई करने वाले और वहां जाने की तैयारी कर रहे भारतीय छात्रों को बडा झटका लगा है. अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग ने विदेशी छात्रों के वीजा नियमों को और सख्त करते हुए एक नए मसौदे को अंतिम रूप दे दिया है. नए नियमों के तहत अब विदेशी छात्रों के अमेरिका में रहने की समय-सीमा को अधिकतम 4 साल के लिए फिक्स (सीमित) कर दिया गया है. ओपन डोर्स 2024 की एक रिपोर्ट के हवाले से मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि इस फैसले से सबसे ज्यादा भारतीय प्रभावित होंगे.
‘ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस’ सिस्टम पूरी तरह खत्म
इस ऐतिहासिक बदलाव ने दशकों से चले आ रहे ‘ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस’ सिस्टम को पूरी तरह खत्म कर दिया है. अमेरिका के इस कड़े फैसले का सबसे सीधा और बड़ा असर वहां पढ़ रहे 3.3 लाख से अधिक भारतीय छात्र-छात्राओं पर पड़ने जा रहा है. रिपोर्ट के अनुसार नए दिशा निर्देशों के तहत अमेरिका के छात्र वीजा नियमों में यह बड़ा फेरबदल किया गया है.
अधिकतम 4 साल तक ही रुक सकेंगे
अब F-1 वीजा पर आने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्र अमेरिका में कानूनी रूप से केवल अधिकतम 4 साल तक ही रुक सकेंगे. यदि किसी छात्र का कोर्स (जैसे पीएचडी, रिसर्च या डबल डिग्री) 4 साल से अधिक समय का है तो उसे अपनी तय अवधि समाप्त होने से पहले अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग में ‘स्पेशल एक्सटेंशन’ (समय बढ़ाने) के लिए अलग से आवेदन करना होगा. मंजूरी मिलने के बाद ही वे आगे की पढ़ाई जारी रख सकेंगे.
कोई निश्चित एक्सपायरी डेट नहीं
दशकों पुराने नियम के तहत विदेशी छात्रों को वीजा पर कोई निश्चित एक्सपायरी डेट नहीं मिलती थी. जब तक छात्र अपनी यूनिवर्सिटी में फुल-टाइम पढ़ाई कर रहे थे और नियमों का पालन कर रहे थे वे बिना किसी बाधा के अमेरिका में बने रह सकते थे. अब यह सहूलियत हमेशा के लिए खत्म हो गई है. यह नया नियम केवल F-1 (छात्र) वीजा पर ही नहीं बल्कि J-1 (एक्सचेंज विजिटर्स) और मीडियाकर्मियों को मिलने वाले I-वीजा पर भी समान रूप से लागू होगा.
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