Washington: अमेरिका में 50 देशों के नागरिकों को बिजनेस और टूरिस्ट वीजा के लिए 20,000 डॉलर तक का वीजा बॉन्ड जमा करना पड़ सकता है. US ने एक सूची जारी की है. हालांकि, इस नियम से भारत को बाहर रखा गया है. फिलहाल भारतीय पासपोर्ट धारकों को यह बॉन्ड नहीं देना होगा. वहीं दक्षिण एशिया के बांग्लादेश, भूटान और नेपाल इस सूची में शामिल हैं. अमेरिकी विदेश विभाग ने शुक्रवार को उन देशों की अपडेटेड लिस्ट जारी की, जिनके नागरिक अगर बी1/बी2 वीजा के लिए बाकी सभी शर्तें पूरी करते हैं, तो भी वीजा जारी किए जाने से पहले उन्हें बॉन्ड जमा करने के लिए कहा जा सकता है.
डॉलर का बॉन्ड जमा करना होगा
इस प्रोग्राम के तहत सूची में शामिल देशों में से किसी एक द्वारा जारी पासपोर्ट पर यात्रा करने वाले आवेदक को 10,000 डॉलर, 15,000 डॉलर या 20,000 डॉलर का बॉन्ड जमा करना होगा. स्टेट डिपार्टमेंट के अनुसार, इस रकम का फैसला वीजा इंटरव्यू के दौरान कांसुलर ऑफिसर करते हैं. यह नियम भारतीय पासपोर्ट धारकों पर लागू नहीं होता है. अमेरिकी विदेश विभाग की सूची के मुताबिक, बांग्लादेश और नेपाल पर यह नियम 21 जनवरी से, जबकि भूटान पर 1 जनवरी से लागू है. इस सूची में अफ्रीका, कैरेबियाई क्षेत्र, मध्य एशिया और प्रशांत क्षेत्र के कई देश भी शामिल हैं.
प्रोग्राम एक अंतिम नियम के तहत शुरू
अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, यह प्रोग्राम इमिग्रेशन एंड नेशनैलिटी एक्ट की धारा 221(जी)(3) के तहत चलाया जा रहा है. इस कानून के तहत कांसुलर अधिकारी वीजा जारी करने से पहले आवेदक से बॉन्ड जमा करने के लिए कह सकता है. मौजूदा प्रोग्राम एक अंतिम नियम के तहत शुरू किया गया, जो तीन अगस्त से लागू हुआ. विदेश विभाग के मुताबिक, किन देशों के नागरिकों पर यह नियम लागू होगा, यह तय करने के लिए अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (डीएचएस) की ‘एंट्री/एक्जिट ओवरस्टे रिपोर्ट’ में दिए गए बी1/बी2 वीजा ओवरस्टे के आंकड़ों का इस्तेमाल किया जाता है.
वीजा के तहत तय समय से ज्यादा
यानी ऐसे मामलों को देखा जाता है, जिनमें लोग अस्थायी वीजा पर अमेरिका गए लेकिन वीजा के तहत तय समय से ज्यादा वहां रुके. जिन आवेदकों पर वीजा बॉन्ड का नियम लागू होगा, उन्हें डीएचएस फॉर्म आई-352 भी जमा करना होगा. इसके अलावा उन्हें अमेरिकी वित्त विभाग के ऑनलाइन पेमेंट प्लेटफॉर्म पे डॉट जीओवी के जरिए बॉन्ड की शर्तों को स्वीकार करना होगा. अमेरिकी विदेश विभाग ने साफ तौर पर कहा है कि आवेदक कांसुलर अधिकारी के निर्देश मिलने से पहले कोई भुगतान न करें.
सहयोगी भी शामिल हो सकते हैं
विभाग ने कहा कि आवेदक को बॉन्ड जमा करने के लिए फॉर्म आई-352 तभी देना चाहिए, जब कांसुलर अधिकारी उसे ऐसा करने का निर्देश दे. वीजा बॉन्ड का पैसा खुद आवेदक या उसकी ओर से कोई तीसरा व्यक्ति जमा कर सकता है. इसमें दोस्त, रिश्तेदार या बिजनेस सहयोगी भी शामिल हो सकते हैं. अगर बॉन्ड से जुड़ी सभी शर्तें पूरी की जाती हैं, तो जिस व्यक्ति ने रकम जमा की है, उसे पैसा वापस मिलेगा.
वीजा मिलने की गारंटी नहीं
अमेरिकी विदेश विभाग ने यह भी साफ किया कि बॉन्ड का पैसा जमा करने का मतलब वीजा मिलने की गारंटी नहीं है. वीजा बॉन्ड जमा करने वाले यात्रियों को अमेरिका में आने और वहां से वापस जाने के लिए कुछ अतिरिक्त नियमों का पालन करना होगा.
इसे भी पढ़ें. राजौरी में LOC पार कर भारत पहुंची POK की महिला, जवानों ने बॉर्डर पर हिरासत में लिया