‘हम शुरू से ही स्वागत करते हैं…’, अमेरिका-ईरान सीजफायर पर भारत का पहला रिएक्शन

US Iran Ceasefire : अमेरिका-ईरान जंग पर सीजफायर के ऐलान को लेकर भारत सरकार की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है. बता दें कि बुधवार को विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करके सीजफायर का स्वागत किया है. इसके साथ ही विदेश मंत्रालय का कहना है कि उम्मीद करते हैं कि सीजफायर से पश्चिम एशिया में स्थाई शांति स्थापित होगी. ऐसे में ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करके सीजफायर का ऐलान किया.

इस मामले को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत तो शुरुआत से ही बातचीत के जरिए तनाव को खत्म करने की वकालत करता रहा है. साथ ही यह भी कहा गया कि ‘हम पहले भी लगातार कहते रहे हैं कि मौजूदा संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने के लिए जरूरी है ताकि दोनों देशों के बीच तनाव कम किया जाए और शांति स्थापित करने के लिए संवाद और कूटनीति जरूरी है.’

एनर्जी सप्लाई और वैश्विक व्यापार का प्रवाह

प्राप्त जानकारी के अनुसार विदेश मंत्रालय के बयान में एक महीने से भी ज्यादा समय तक चली. साथ ही इस जंग मं हुए नुकसान को लेकर चिंता जताई गई है. ऐसे में मंत्रालय का कहना है कि पूरी दुनिया में एनर्जी सप्लाई और ट्रेड नेटवर्क बाधित हुए और आम लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी है. ऐसे में उन्‍होंने उम्‍मीद जताते हुए कहा कि अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से एनर्जी सप्लाई और वैश्विक व्यापार का प्रवाह जारी रहेगा.

ईरान में फंसे अपने नागरिकों को भारत ने दी सलाह

बता दें कि सीजफायर के ऐलान के बाद भारत ने ईरान में फंसे अपने नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी है. इसके साथ ही भारत ने अपने नागरिकों को ईरान में स्थित दूतावास के बताए रास्तों का इस्तेमाल करने का भी सुझाव दिया है.

नागरिकों के लिए शेयर किया आपातकालीन नंबर

साथ ही भारतीय दूतावास ने ये भी कहा कि ‘यह फिर से दोहराया जाता है कि दूतावास से पहले से सलाह और तालमेल किए बिना किसी भी अंतरराष्ट्रीय जमीनी सीमा तक पहुंचने की कोई कोशिश नहीं की जानी चाहिए.’ मीडिया रिपोर्ट के दौरान एडवाइजरी में दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए आपातकालीन नंबर भी शेयर किए हैं.

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