नौसिखियों ने किया हैंडल…, ट्रंप के होर्मुज स्ट्रेट खोलने वालेअल्टीमेटम पर ईरानी दूतावास की प्रतिक्रिया

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

US-Iran war:  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए ईरान को लगातार अल्टीमेटम पर अल्टीमेटम दिए जा रहे हैं. हालांकि, ईरान का बार-बार यही कहना है कि उसके मित्र देशों के लिए होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह से खुला हुआ है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बार फिर से ईरान को सोमवार तक की मोहलत दी है. हालांकि, ईरान फिर से वही बात दोहराई कि होर्मुज स्ट्रेट खुला है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के लिए मंगलवार तक की चेतावनी जारी करते हुए कि यदि उन्होंने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ नहीं खोला, तो उनके बिजली केंद्रों और पुलों को निशाना बनाया जाएगा, जिससे वहां नर्क जैसे हालात पैदा हो जाएंगे. ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा कि “ईरान में मंगलवार का दिन ‘पावर प्लांट’ और ‘ब्रिज डे’ के रूप में जाना जाएगा, जो अपनी तरह का अनोखा होगा. मूर्ख लोगों, इस जलमार्ग (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को तुरंत खोलो, वरना नरक जैसी स्थिति झेलने के लिए तैयार रहो – बस देखते जाओ! खुदा की जय हो.”

ट्रंप के पोस्ट पर ईरानी दूतावास की प्रतिक्रिया 

ट्रंप के इस पोस्ट पर फिनलैंड में ईरानी दूतावास ने लिखा, “होर्मुज स्ट्रेट खुला है, लेकिन आपसी दुश्मनी बढ़ने पर वहां से गुजरना मुश्किल हो सकता है. ऐसे संवेदनशील मामलों पर सार्वजनिक बयान देने से पहले, नए बने मिलिट्री जनरलों के अपडेट्स पर भरोसा न करना और अलग-अलग अपडेट्स देना समझदारी हो सकती है. इसके अलावा, आपकी हाल की पोस्ट के लहजे और भाषा से लगता है कि इसे शायद नौसिखियों ने हैंडल किया होगा या जिन्हें सोशल मीडिया के सही तरीके और नैतिकता के बारे में पता नहीं है.”

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में सख्त रुख अपनाते हुए संकेत दिया कि अगर तेहरान अमेरिका की मांगें नहीं मानता है तो ईरानी इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े पैमाने पर हमले हो सकते हैं. ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान तय टाइमलाइन के अंदर कार्रवाई नहीं करता है, तो उसके पावर प्लांट और पुलों समेत जरूरी संपत्तियों को बड़े पैमाने पर नुकसान हो सकता है.

ईरान खाे सकता हर पावर प्लांट

ट्रंप ने बताया कि “अगर वे मंगलवार शाम तक कुछ नहीं करते हैं, तो उनके पास कोई पावर प्लांट नहीं होगा और कोई पुल खड़ा नहीं होगा. ईरान पूरे देश में मौजूद हर पावर प्लांट और हर दूसरे प्लांट को खो सकता है.” यह संभावित हमलों के स्तर को दिखाता है. ट्रंप ने कहा कि ईरानी नेता अभी भी बातचीत के लिए तैयार हो सकते हैं, भले ही उन्होंने अपना सख्त रुख बनाए रखा हो. उन्होंने कहा कि “हमने इसे कंट्रोल में कर लिया है, सच में कंट्रोल में है.”

इसके साथ ही, ट्रंप ने इशारा किया कि अगर ईरान जवाब नहीं देता है तो अमेरिका की सैन्य कार्रवाई बढ़ाने के लिए तैयार है. बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचाने के जिक्र ने विश्लेषकों का ध्यान खींचा है. उनका कहना है कि ऐसी कार्रवाइयां लड़ाई में एक बड़ी बढ़ोतरी दिखाएंगी. ट्रंप द्वारा बताई गई टाइमलाइन स्थिति को और गंभीर बनाती है, जिसमें सरकार ईरान के जवाब के लिए साफ उम्मीदें तय कर रहा है.

अमेरिका और ईरान के बीच टकराव का रहा है लंबा इतिहास

ट्रंप की बातों से पता चलता है कि अगर ईरान उनकी मांगें पूरी नहीं करता है, तो सरकार तनाव को और बढ़ाने के लिए तैयार है, भले ही बातचीत की गुंजाइश बनी हुई है. अमेरिका और ईरान के बीच टकराव का एक लंबा इतिहास रहा है, जिसमें न्यूक्लियर एक्टिविटी, क्षेत्रीय असर और समुद्री सुरक्षा पर विवाद शामिल हैं. होर्मुज स्ट्रेट अपनी स्ट्रेटेजिक अहमियत को देखते हुए अक्सर इन तनावों के केंद्र में रहा है.

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