Iran-US War: पश्चिम एशिया में एक बार फिर बड़े सैन्य टकराव की आशंका बढ़ती जा रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर नए हमलों के संकेत के बाद तेहरान ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि अमेरिका या इजरायल ने दोबारा हमला किया तो जवाब सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहेगा. ईरान ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी कार्रवाई में अगर कोई क्षेत्रीय देश शामिल हुआ तो उसे भी ‘करारा और आनुपातिक जवाब’ मिलेगा.
ईरान में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई
इसी बीच ईरान में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान में जनवरी में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किए गए 20 साल के अरविन खैरखाह को शाहरूद जेल में फांसी दे दी गई है.
रिपोर्ट में कहा गया कि उन पर रिवोल्यूशनरी कोर्ट ने मोहारेबेह (ईश्वर के खिलाफ युद्ध छेड़ने) सहित कई आरोपों में मौत की सजा सुनाई थी. वहीं, फांसी से पहले उन्हें बुधवार को एकांत कारावास में भेजा गया था. रिपोर्ट में बताया गया कि अरविन खैरखाह के परिजन शुक्रवार रात शाहरूद जेल के बाहर उनकी फांसी रुकवाने की कोशिश के लिए जुटे थे. इसके अलावा, ईरान इंटरनेशनल का दावा है कि परिवार से आखिरी बातचीत में उन्होंने कहा था, ‘मुझे भूलने मत देना. हमने अपने देश की आजादी के लिए आवाज उठाई थी.’

