Auto Sales July 2026: भारत के यात्री वाहन (Passenger Vehicle) बाजार ने जुलाई 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर मजबूती के संकेत दिए हैं. SUV की लगातार बढ़ती मांग, इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की रिकॉर्ड बिक्री और निर्यात में आई तेजी के दम पर देश की कई प्रमुख ऑटो कंपनियों ने अब तक की सबसे बेहतर मासिक बिक्री दर्ज की है. जुलाई के आंकड़े बताते हैं कि भारतीय ऑटो सेक्टर में ग्राहकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है और कंपनियां नए मॉडल्स के दम पर तेजी से बाजार में अपनी पकड़ मजबूत कर रही हैं. हुंडई, किआ, टाटा मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा और निसान जैसी प्रमुख कंपनियों ने जुलाई में बिक्री के नए रिकॉर्ड बनाए हैं. कई कंपनियों ने घरेलू बाजार के साथ-साथ निर्यात में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की है, जिससे ऑटो उद्योग को नई गति मिली है.
हुंडई ने बनाया अब तक का सबसे बड़ा मासिक रिकॉर्ड
हुंडई मोटर इंडिया ने जुलाई 2026 में स्थापना के बाद से अब तक की सबसे अधिक मासिक बिक्री दर्ज की. कंपनी ने कुल 75,360 वाहनों की बिक्री की, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 25.4% अधिक है. घरेलू बाजार में कंपनी की बिक्री 23.3% बढ़कर 54,210 यूनिट रही, जो जुलाई महीने का अब तक का सर्वोच्च प्रदर्शन है. वहीं, निर्यात 31.4% बढ़कर 21,150 यूनिट पहुंच गया, जो पिछले 100 महीनों से अधिक समय में कंपनी का सबसे बेहतर मासिक निर्यात रहा. हुंडई मोटर इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ तरुण गर्ग ने कहा कि नई तिमाही की शुरुआत बेहद मजबूत रही है और रिकॉर्ड बिक्री इस बात का प्रमाण है कि ग्राहकों का हुंडई ब्रांड पर भरोसा लगातार बढ़ रहा है.
किआ इंडिया ने भी रचा नया इतिहास
किआ इंडिया ने जुलाई में अब तक का सर्वश्रेष्ठ थोक बिक्री प्रदर्शन दर्ज किया. कंपनी की कुल डिस्पैच 27.4 प्रतिशत बढ़कर 28,200 यूनिट हो गई. जनवरी से जुलाई 2026 के दौरान कंपनी की कुल डिस्पैच 1,91,949 यूनिट रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 16.8 प्रतिशत अधिक है. कंपनी का कहना है कि नए मॉडल्स और SUV सेगमेंट की मजबूत मांग ने इस वृद्धि में अहम भूमिका निभाई.
टाटा मोटर्स की EV बिक्री दोगुने से ज्यादा बढ़ी
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (TMPV) ने जुलाई में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मिलाकर 63,760 वाहनों की बिक्री की, जो एक साल पहले की 40,175 यूनिट की तुलना में 59 प्रतिशत अधिक है. घरेलू बाजार में कंपनी की बिक्री 58 प्रतिशत बढ़कर 62,611 यूनिट रही. सबसे बड़ी बात यह रही कि कंपनी के इलेक्ट्रिक वाहन कारोबार ने शानदार प्रदर्शन किया. जुलाई में 15,217 इलेक्ट्रिक वाहन बिके, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने यह आंकड़ा 7,124 यूनिट था. यानी एक साल में EV बिक्री दोगुने से भी अधिक हो गई.
महिंद्रा की SUV बिक्री में जबरदस्त उछाल
महिंद्रा एंड महिंद्रा ने जुलाई में कुल 1,03,860 वाहनों की बिक्री दर्ज की, जो पिछले वर्ष की तुलना में 26 प्रतिशत अधिक है. घरेलू बाजार में कंपनी की SUV बिक्री 20 प्रतिशत बढ़कर 60,048 यूनिट पहुंच गई, जबकि निर्यात सहित कुल SUV बिक्री 60,887 यूनिट रही. कंपनी के घरेलू कमर्शियल वाहन बिक्री आंकड़े 25,204 यूनिट रहे, जिनमें 23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. 2 टन से कम क्षमता वाले हल्के वाणिज्यिक वाहन (LCV) की बिक्री 40 प्रतिशत बढ़कर 3,870 यूनिट रही, जबकि 2 से 3.5 टन श्रेणी के LCV की बिक्री 21 प्रतिशत बढ़कर 21,334 यूनिट पहुंच गई.
इसके अलावा इलेक्ट्रिक मॉडल सहित थ्री-व्हीलर बिक्री 53 प्रतिशत बढ़कर 14,538 यूनिट हो गई. महिंद्रा एंड महिंद्रा के ऑटोमोटिव डिवीजन के सीईओ नलिनीकांत गोल्लागुंटा ने कहा कि जुलाई में कंपनी ने 60,048 SUV बेचकर 20 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि हासिल की. उन्होंने बताया कि जनवरी से जुलाई की अवधि में महिंद्रा की SUV बिक्री 2,34,793 यूनिट रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 16 प्रतिशत अधिक है. वहीं, इसी अवधि में थ्री-व्हीलर बिक्री 50,793 यूनिट रही, जिसमें 69 प्रतिशत की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई.
निसान ने भी दर्ज की रिकॉर्ड बिक्री
निसान मोटर इंडिया ने भी जुलाई में रिकॉर्ड मासिक थोक बिक्री दर्ज की. कंपनी की कुल डिस्पैच 9,339 यूनिट रही. घरेलू थोक बिक्री 218 प्रतिशत बढ़कर 4,518 यूनिट पहुंच गई, जबकि निर्यात 4,821 यूनिट रहा. कंपनी ने इस शानदार प्रदर्शन का श्रेय अपनी नई टेक्टॉन SUV की लॉन्चिंग को दिया. जुलाई में इस मॉडल की ग्राहकों को डिलीवरी शुरू हुई, जिससे कंपनी के SUV पोर्टफोलियो में मैग्नाइट और ग्रेवाइट के साथ एक और नया विकल्प जुड़ गया.
SUV और EV बने ऑटो सेक्टर की सबसे बड़ी ताकत
जुलाई 2026 के बिक्री आंकड़े साफ बताते हैं कि भारतीय यात्री वाहन बाजार में SUV की मजबूत मांग अब भी विकास की सबसे बड़ी वजह बनी हुई है. इसके साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती बिक्री और निर्यात में तेजी ने ऑटो कंपनियों की ग्रोथ को नई मजबूती दी है. यही रुझान आने वाले महीनों में भी भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग की विकास यात्रा को गति देने में अहम भूमिका निभा सकता है.
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