US Iran War: ईरान से युद्ध के बीच अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक बड़ा और चिंताजनक बयान दिया है. वेंस कहा है कि US ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को कुछ समय और जारी रखेगा. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका का मकसद ईरान को लंबे समय तक सैन्य रूप से कमजोर करना है. होर्मुज जलडमरूमध्य के पास तनाव चरम पर है.
युद्ध के कारण तेल की कीमतों में उछाल
जानकारों का मानना है कि इससे क्षेत्र में ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता पर बड़ा असर पड़ रहा है. युद्ध के कारण तेल की कीमतों में उछाल आया है और ब्रेंट क्रूड ऑयल $112 प्रति बैरल से ऊपर निकल गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर युद्ध लंबा चलता है तो अमेरिका के हथियार भंडार पर और दबाव बढ़ेगा. तेल और गैस की कीमतें और बढ़ सकती हैं.
ज्यादातर लक्ष्यों को हासिल कर चुका है US
एक पॉडकास्ट इंटरव्यू के दौरान वेंस ने कहा कि अमेरिका अपने ज्यादातर सैन्य लक्ष्यों को हासिल कर चुका है. उनका दावा है कि अब तक की कार्रवाई काफी हद तक सफल रही है और ईरान की सैन्य क्षमताओं को बड़ा झटका दिया गया है. हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि मिशन अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और आगे भी सैन्य कार्रवाई जारी रह सकती है.
युद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी
जब उनसे युद्ध के कारण बढ़ती गैस कीमतों पर सवाल किया गया, तो वेंस ने इसे स्वीकार किया कि युद्ध का असर आम लोगों पर पड़ रहा है. लेकिन उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी बताया. इस बीच, US Department of Defense के सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई है. युद्ध में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रही Tomahawk cruise missile की खपत इतनी ज्यादा है कि उसका उत्पादन पीछे छूट गया है.
तेजी से हो रहा मिसाइलों का इस्तेमाल
रक्षा अधिकारियों का कहना है कि मिसाइलों का इस्तेमाल तेजी से हो रहा है और उत्पादन क्षमता उतनी तेज नहीं है. इससे भविष्य के ऑपरेशनों पर असर पड़ सकता है.
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