Tehran: अमेरिका और ईरान के बीच शांति कराने की कोशिशें तेज हो गई हैं. कतर की टीम ईरान में बैठकर युद्ध खत्म कराने में लगी है. वहीं पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर भी ईरान पहुंच गए हैं. ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर ग़ालिबफ़ ने तेहरान में मुनीर से मुलाकात की है. ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, यह मुलाकात क्षेत्रीय तनाव को लेकर जारी कूटनीतिक प्रयासों का हिस्सा थी.
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से भी मुलाकात
ईरान की अपनी यात्रा के दौरान मुनीर ने विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची की मौजूदगी में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से भी मुलाकात की. मोहम्मद बाघर ग़ालिबफ़ युद्ध संधि को लेकर चल ही मीटिंग में शीर्ष वार्ताकार हैं. इस बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति सलाहकार अनवर गरगाश ने शुक्रवार को साफ कहा कि अमेरिका-ईरान समझौते के चांस 50-50 हैं और अगर फिर जंग भड़की तो पूरा इलाका हिल जाएगा.
24 घंटों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से गुजरे 25 जहाज
उधर, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की नौसेना ने पुष्टि की है कि पिछले 24 घंटों में 25 जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से गुजरे हैं. रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन गतिविधियों से पता चलता है कि ईरान इस रास्ते लगातार निगरानी रखे हुए है.यह जानकारी ईरानी सेना के उस लगातार प्रयास के बाद सामने आई है. इसका उद्देश्य इस जलमार्ग पर अपना कंट्रोल करना है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम कड़ी का काम करता है.
अमेरिका फिर कर सकता है ईरान पर सैन्य हमला
उधर, व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ बड़ी बैठक की, जिसके बाद यह अटकलें और तेज हो गईं कि अमेरिका फिर से ईरान पर सैन्य हमला कर सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप ने शुक्रवार सुबह अपने बड़े अधिकारियों के साथ ईरान जंग पर चर्चा की. बैठक में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, पीट हेगसेथ, CIA डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ और दूसरे बड़े अधिकारी शामिल हुए.
ट्रंप बातचीत की धीमी रफ्तार से काफी नाराज
ट्रंप को बताया गया कि अगर बातचीत फेल हुई तो आगे क्या विकल्प होंगे. रिपोर्ट्स में कहा गया कि ट्रंप पिछले कुछ दिनों से बातचीत की धीमी रफ्तार से काफी नाराज हैं और अब फिर से बड़े सैन्य ऑपरेशन का विकल्प भी टेबल पर है. यही वजह है कि ट्रंप ने अपने बेटे Don Jr की शादी में भी न जाने का फैसला किया और कहा कि इस अहम वक्त में उन्हें व्हाइट हाउस में रहना जरूरी है.
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