ईरान पर फिर टूटा अमेरिका का कहर! केशम द्वीप पर मिसाइल अटैक, सीजफायर तोड़ ट्रंप ने छेड़ी नई जंग!

Divya Rai
Divya Rai
Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Divya Rai
Divya Rai
Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

US Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर गहराता नजर आ रहा है. अमेरिकी सेना ने ईरान के रणनीतिक रूप से अहम केशम द्वीप को निशाना बनाते हुए बड़ा सैन्य हमला किया है. इस कार्रवाई में रडार सिस्टम और मिसाइल लॉन्चरों को निशाना बनाए जाने की खबर है. खास बात यह है कि यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिका में मिडटर्म चुनाव का माहौल है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के विकल्प खुले रखने का संकेत दे चुके थे.

‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने केशम द्वीप पर मिसाइलों से हमला किया. इस दौरान ईरानी सेना के रडार डिटेक्शन सिस्टम और मिसाइल लॉन्चिंग ठिकानों को निशाना बनाया गया. हमले में कई सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है. हालांकि, इस कार्रवाई में कितना नुकसान हुआ और कितने सैन्य संसाधन नष्ट हुए, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.

ईरान की मिसाइल गतिविधियों का दिया हवाला

अमेरिकी अधिकारियों ने इस सैन्य कार्रवाई को रक्षात्मक कदम करार दिया है. एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, ईरान की ओर से अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों का इस्तेमाल किया जा रहा था. अमेरिका का दावा है कि इसी संभावित खतरे को रोकने के लिए केशम द्वीप पर हमला किया गया.

बताया जा रहा है कि अमेरिकी सेना पिछले कुछ समय से ईरान के खिलाफ सीमित स्तर पर सैन्य कार्रवाई कर रही थी. हालांकि, इन कार्रवाइयों को लेकर वॉशिंगटन की ओर से ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई थी. अब केशम द्वीप पर हुए हमले ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है.

क्या नेतन्याहू के दबाव में ट्रंप ने लिया हमले का फैसला? US Iran War

ईरान के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई के पीछे इजरायल की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पहले भी ईरान के मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से कई बार बातचीत कर चुके हैं. विभिन्न रिपोर्टों में दावा किया गया है कि नेतन्याहू अमेरिका में मिडटर्म चुनाव खत्म होने के बाद ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य अभियान शुरू करने के पक्ष में थे.

दूसरी ओर, ट्रंप भी ईरान को लेकर लगातार सख्त रुख अपनाते रहे हैं. हमले से पहले उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया था कि तेहरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई समेत सभी विकल्प खुले हैं. ऐसे में केशम द्वीप पर अमेरिकी हमले को दोनों देशों के बीच पहले से जारी टकराव की एक बड़ी कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है. फिलहाल, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं. इस हमले के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ईरान अब जवाबी कार्रवाई करेगा और क्या दोनों देशों के बीच संघर्ष एक बार फिर बड़े युद्ध का रूप ले सकता है.

ये भी पढ़ें- नेपाल यात्रा पर जाएंगे विदेश सचिव विक्रम मिस्री, वैश्विक मुद्दों पर करेंगे चर्चा

Latest News

Sugarcane Price: दिवाली से पहले किसानों को तोहफा! गन्ने पर 709.50 रुपये प्रति टन अतिरिक्त बोनस, सरकार ने मंजूर किए 603 करोड़ रुपये

Sugarcane Price Tamil Nadu: तमिलनाडु के गन्ना किसानों के लिए दिवाली से पहले अच्छी खबर सामने आई है. राज्य सरकार...

More Articles Like This