ईरान जंग में 42 अमेरिकी विमान तबाह! सामने आई चौकाने वाली रिपोर्ट

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

US Iran War: ईरान युद्ध को लेकर एक चौकाने वाला दावा सामने आया है. दरअसल, अमेरिकी संसद की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान पर 40 दिनों तक चले हमलों के दौरान अमेरिका के 42 विमान या तो तबाह हो गए या बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. इससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि अमेरिकी सेना जितना दिखा रही है, ईरान ने उसे उससे कहीं अधिक चोट दी है. वहीं, इस रिपोर्ट के बाद अमेरिका की सैन्य ताकत और युद्ध की कीमत पर सवाल उठने लगे हैं.

रिपोर्ट में क्या है?

अमेरिकी संसद की एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान के खिलाफ “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” चलाया था और उसी के तहत 40 दिनों तक ईरान पर बमबारी की थी और उसमें अमेरिका के 42 विमान खो गए या वे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जिनमें लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर और बिना पायलट वाले ड्रोन शामिल थे. यह जानकारी न्यूज रिपोर्टों और रक्षा विभाग तथा अमेरिकी सेंट्रल कमांड के बयानों के आधार पर दी गई है.

बाद में बदल सकती है नुकसान की संख्या

हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि नुकसान की संख्या बाद में बदल सकती है. इसकी वजह गोपनीय जानकारी, जारी सैन्य कार्रवाई और जिम्मेदारी तय करने जैसे कई कारण हो सकते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक “28 फरवरी 2026 को अमेरिका ने इजराइल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शुरू किया. इस संघर्ष में मिडिल ईस्ट में हवाई, समुद्री और मिसाइल हमले शामिल रहे.”

29 अरब डॉलर पहुंची अमेरिकी सैन्य अभियान की लागत

रिपोर्ट में आगे कहा गया कि अप्रैल में युद्धविराम के बाद लड़ाई कुछ धीमी हुई, लेकिन कुछ हफ्तों बाद फिर हमले शुरू हो गए और हालात अब भी बदलते हुए बने हुए हैं. रक्षा विभाग ने अब तक इस अभियान में हुए नुकसान की पूरी जानकारी जारी नहीं दी है, लेकिन 12 मई 2026 की सुनवाई के दौरान पेंटागन के कार्यवाहक कंट्रोलर जूल्स डब्ल्यू हर्स्ट थर्ड ने कहा कि ईरान में अमेरिकी सैन्य अभियान की लागत बढ़कर 29 अरब डॉलर तक पहुंच गई है.

जंग में नष्ट हुए ये विमान

रिपोर्ट के अनुसार, जिन विमानों को नुकसान हुआ या जो नष्ट हुए उनमें चार F-15E स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान, एक F-35A लाइटनिंग द्वितीय लड़ाकू विमान, एक ए-10 थंडरबोल्ट द्वितीय हमला विमान, सात KC-135 स्ट्रैटोटैंकर ईंधन भरने वाले विमान, एक E-3 सेंट्री एडब्ल्यूएसीएस विमान, दो एमसी-130जे कमांडो द्वितीय विशेष अभियान विमान, एक एचएच-60डब्ल्यू जॉली ग्रीन द्वितीय हेलीकॉप्टर, 24 एमक्यू-9 रीपर ड्रोन और एक एमक्यू-4सी ट्राइटन ड्रोन शामिल हैं.

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