US military: अमेरिकी सेना ने सीरिया में आईएसआईएस के ठिकानों पर स्ट्राइक की है, जिसका मकसद क्षेत्र में काम कर रही अमेरिकी और सहयोगी सेनाओं पर और हमलों को रोकना था. अमेरिका की यह कार्रवाई दिसंबर में अमेरिका कर्मियों पर हुए हमले के जवाब में था, जिसकी पुष्टि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के द्वारा की गई है.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि शनिवार की रात अमेरिकी सेना ने सहयोगी सेनाओं के साथ मिलकर सीरिया में आईएसआईएस के कई ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमला किया गया, जो आतंकवाद को खत्म करने, भविष्य के हमलों को रोकने और क्षेत्र में अमेरिकी व सहयोगी सेनाओं की रक्षा करने की हमारी लगातार प्रतिबद्धता का हिस्सा है.
ये हमले ‘ऑपरेशन हॉकआई’ स्ट्राइक का हिस्सा
सेंटकॉम ने बताया कि ये हमले ‘ऑपरेशन हॉकआई’ स्ट्राइक का हिस्सा थे, जिसे 19 दिसंबर को अमेरिका सेना ने शुरू किया था. उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ को पिछले महीने एक जवाबी कार्रवाई के बजाय एक लगातार अभियान के रूप में घोषित किया गया था. सेंटकॉम ने कहा, “ये हमले ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक का हिस्सा हैं.” साथ ही उन्होंने इसे पलमायरा हमले का सीधा जवाब बताया.
दो अमेरिकी सैनिकों समेत तीन लोगों की गई थी जान
अधिकारियों ने कहा कि यह ऑपरेशन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर सीरिया के पलमायरा में अमेरिकी और सीरियाई सेनाओं पर 13 दिसंबर को हुए हमले के जवाब में किया गया. उस हमले में दो अमेरिकी सैनिकों समेत तीन लोग मारे मारे गए थे. अमेरिकी सेना के लिए हमलों के लिए आईएसआईएस को जिम्मेदार ठहराया था.
आईएसआईएस आतंकवादी देश के लिए खतरा
कमांड ने कहा कि अमेरिकी और सहयोगी सेनाएं आईएसआईएस आतंकवादियों को खत्म करने के लिए दृढ़ हैं, जो खतरा बने हुए हैं. सेंटकॉम के बयान में कहा गया है, “हमारा संदेश मजबूत है. अगर आप हमारे सैनिकों को नुकसान पहुंचाते हैं, तो हम आपको दुनिया में कहीं भी ढूंढ निकालेंगे और मार देंगे, चाहे आप न्याय से बचने की कितनी भी कोशिश क्यों न करें.”
न भूलेंगे और न ही हार मानेंगे
हालांकि, सेंटकॉम ने हमलों में निशाना बनाए गए ठिकानों की संख्या, निशाना बनाए गए खास जगहों या इस्तेमाल किए गए हथियारों के बारे में जानकारी नहीं दी. सेना ने नुकसान का आकलन भी जारी नहीं किया.
वहीं, रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने हमलों की घोषणा के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “हम कभी नहीं भूलेंगे और कभी हार नहीं मानेंगे.”