‘अगर डील का समझौता नहीं हुआ तो मैं वो करूंगा, जो…’, राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर दी ईरान को धमकी

Divya Rai
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Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Donald Trump: अमेरिका और ईरान के बीच कई मुद्दों पर सहमति बन चुकी है. हालांकि, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर दोनों देशों में अभी भी तनाव जारी है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर धमकी दी है. ट्रंप से अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के भविष्य के बारे में सवाल किया गया. जिसके जवाब में ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान डील का समझौता नहीं करता है तो वॉशिंगटन जवाबी कार्रवाई करेगा.

Donald Trump ने दी ईरान को धमकी

एक इंटरव्यू के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के भविष्य के बारे में पूछा गया. इस पर ट्रंप ने कहा, ‘अगर ईरान अपने समझौते का पालन नहीं करता है या अगर वे सही व्यवहार नहीं करते हैं तो मैं वह करूंगा जो मुझे करना होगा.’ 

उनका पूरा देश बदहाल है

ट्रंप और ईरानी प्रेसिडेंट मसूद पेजेश्कियान द्वारा अंतरिम डील पर साइन करने के कुछ दिन बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने ये चेतावनी दी है. उनसे सवाल किया गया कि क्या समझौते के कारण ईरान उन पर दबाव बनाने में सक्षम है. इस पर ट्रंप ने कहा,  ‘उनकी नौसेना खत्म हो गई. उनकी वायुसेना खत्म हो गई. उनके सभी नेता मर चुके हैं. उनका पूरा देश बदहाल है. उनकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है.’

ईरान को भारी नुकसान हुआ है

इसके साथ ही ट्रंप ने कहा, ‘चार महीने पहले ईरान के पास एक नौसेना थी, ठीक 159 जहाज. वह सब खत्म हो गया. पूरी नौसेना खत्म हो गई. उनके 250 विमान, सब खत्म. उनके एंटी एयरक्राफ्ट सिस्टम खत्म. उनका रडार खत्म.’ ट्रंप ने कहा, ‘उनके अधिकांश मिसाइल नष्ट हो चुके हैं. उनके अधिकांश लॉन्च फेसिलिटीज नष्ट हो चुके हैं. ड्रोन और मिसाइलों के उत्पादन की उनकी अधिकांश क्षमता नष्ट हो चुकी है. लगभग 87 प्रतिशत क्षमता नष्ट हो चुकी है.’

लीडरशिप को गंभीर नुक़सान पहुंचा है

अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा, ‘उनके पहले स्तर के नेता जा चुके हैं. उनके दूसरे स्तर के नेता भी जा चुके हैं. उनके तीसरे स्तर के नेताओं की बातचीत आपको सुननी होगी.’ इसके अलावा उन्होंने मीडिया की भी आलोचना की. उन्होंने कहा, ‘मेरी भारी जीत का कारण यह है कि मुझे 92 प्रतिशत नकारात्मक खबरें मिलीं, जो पूरी तरह से फर्जी थीं और इसके बावजूद कि अब कोई भी प्रेस पर विश्वास नहीं करता है.’

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