US Strike Venezuela: अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर सैन्य हमला का पूरी दुनिया में विरोध हो रहा है. रूसी विदेश मंत्रालय ने इसे अवैध सशस्त्र हमला बताया है. कहा कि इसे सही ठहराने वाला कोई औचित्य नहीं है. मंत्रालय ने कहा कि वैचारिक शत्रुता ने व्यावहारिक समझदारी को हरा दिया है. रूस ने वेनेजुएला के लोगों के प्रति अपनी एकजुटता जताई और यह भी बताया कि अमेरिकी हमले में रूसी नागरिकों को कोई चोट नहीं आई.
वेनेजुएला की राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन
उधर, ईरान ने भी अमेरिका के हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि यह वेनेजुएला की राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन है. ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी सैन्य हमला वेनेजुएला पर पूरी तरह अस्वीकार्य है. वहीं कोलंबिया ने सुरक्षा बढ़ा दी है. वह वेनेजुएला की लंबी और संवेदनशील सीमा से लगा है. राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने सेना को सीमा पर तैनात करने का आदेश दिया.
पड़ोसी देशों में मानवाधिकार और प्रवासन संकट
उन्होंने अमेरिका की कार्रवाई को लैटिन अमेरिका की संप्रभुता पर हमला बताया और चेतावनी दी कि इससे पड़ोसी देशों में मानवाधिकार और प्रवासन संकट बढ़ सकता है. स्पेन ने संकट के शांतिपूर्ण समाधान की पेशकश की. स्पेन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सभी पक्षों को संयम और तनाव कम करने की आवश्यकता है. मंत्रालय ने यह भी कहा कि स्पेन इस संकट का शांतिपूर्ण और बातचीत के जरिए समाधान खोजने में मदद करने को तैयार है.
मादुरो और उनकी पत्नी को कब्जे में लिया
बता दें कि शनिवार को अमेरिका ने वेनेजुएला पर सैन्य हमला किया. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऑपरेशन की घोषणा करते हुए बताया कि अमेरिकी बलों ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को कब्जे में ले लिया. इस हमले के बाद कई देशों ने प्रतिक्रिया दी और क्षेत्रीय व वैश्विक स्थिरता पर इसके गंभीर असर की चेतावनी दी है. अमेरिकी विशेष बल डेल्टा फोर्स ने मादुरो को पकड़ लिया. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिकी बलों ने बड़ी योजना बनाकर हमला किया और मादुरो तथा उनकी पत्नी को हिरासत में लिया.
वेनेजुएला ने अब तक का सबसे बड़ा झेला आक्रमण
वेनेजुएला में प्रतिक्रिया तेज और तनावपूर्ण थी. रक्षा मंत्री व्लादिमीर पाद्रीनो लोपेज ने सेना को पूरे देश में तैनात कर दिया और कहा कि वेनेजुएला ने अब तक का सबसे बड़ा आक्रमण झेला है. उन्होंने जनता से सड़कों पर आने की अपील की और कहा कि सेना मादुरो के आदेश पर कार्रवाई कर रही है. हालांकि जमीन पर भ्रम था और यह स्पष्ट नहीं था कि सरकार की वास्तविक कमान किसके पास है.
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