US visa new rules: अमेरिका में नौकरी छुटने के बाद विदेशी कर्मचारियों को नई नौकरी खोजने के लिए मिलने वाली 60 दिन की छूट अब खत्म की जा सकती है. इसके लिए अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने गुरुवार, 11 सितंबर को एक नया नियम लाने का प्रस्ताव दिया है.
बता दें कि अमेरिका में H-1B वीजा पर काम करने वाले कुशल कर्मचारी भी शामिल हैं. वहीं, इस फैसले का असर भारतीय इंजीनियर्स पर काफी ज्यादा पड़ सकता है, जिनमें टेक कंपनियों और दूसरी कंपनियों में H-1B वीजा पर काम करने वाले भारतीय कर्मचारी शामिल हैं.
क्या है H-1B वीजा?
H-1B एक ऐसा वीजा है जो अमेरिका की कंपनियों को दूसरे देशों के लोगों को नौकरी देने की अनुमति देता है. यह उन खास नौकरियों के लिए होता है, जिनमें किसी खास तकनीकी या सैद्धांतिक जानकारी की जरूरत होती है. बता दें कि टेक्नोलॉजी कंपनियां हर साल भारत और चीन जैसे देशों से हजारों कर्मचारियों को नौकरी देने के लिए H-1B वीजा पर काफी निर्भर रहती हैं.
नए नियम में क्या है?
अमेरिकी प्रशासन की ओर से लाए गए इस नए नियम का नाम “एलिमिनेटिंग द डिस्क्रिशनरी 60-डे ग्रेस पीरियड” है, जिसे शुक्रवार को फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित किया जाएगा. अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (डीएचएस) ने लोगों से अगले 60 दिनों के अंदर इस प्रस्ताव पर अपनी राय देने को कहा है. ऐसे में यदि यह नियम लागू हो जाता है, तो जिन विदेशी कर्मचारियों की नौकरी उनके वीजा की अवधि खत्म होने से पहले चली जाती है, उन्हें तुरंत अमेरिका छोड़ना होगा. हालांकि, अगर उनके पास अमेरिका में रहने की अलग अनुमति है, तो वे वहां रह सकते हैं.

