Venezuela Oil Deal: वेनेजुएला के 65 अरब बैरल तेल पर US का कब्जा, ट्रंप ने जो चाहा, वो कर दिखाया

Ved Prakash Sharma
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Venezuela Oil Deal: डोनाल्ड ट्रंप की नजर वेनेज़ुएला के तेल भंडार पर थी. जो चीज ट्रंप चाहते थे, उसमें वह सफल हो गए हैं. ट्रंप एक बड़ी डील करने में कामयाब रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे ‘दुनिया की सबसे बड़ी ऑयल डील’ बताते हुए दावा किया है कि अमेरिका को वेनेज़ुएला के 65 अरब बैरल से ज्यादा प्रमाणित तेल भंडार पर कंट्रोल मिल गया है. 65 अरब बैरल तेल इतना है कि इससे भारत की मौजूदा खपत लगभग 32 साल तक पूरी हो सकती है.

ट्रंप के अनुसार, इस समझौते से अमेरिका का तेल भंडार दोगुने से ज्यादा हो जाएगा और आने वाले समय में अमेरिकी लोगों के लिए पेट्रोल की कीमतें कम करने में मदद मिलेगी. ट्रंप ने इस डील का श्रेय विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को दिया है. बताया गया है कि समझौते में वेनेज़ुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज और निजी कंपनियां शामिल हैं, जिनमें अमेरिकी तेल कंपनियां भी हो सकती हैं.

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इस पूरे सौदे पर अमेरिकी टैक्सपेयर का कोई पैसा खर्च नहीं होगा. उन्होंने इसे अमेरिका और वेनेज़ुएला के रिश्तों को मजबूत करने वाला कदम भी बताया. मार्को रुबियो ने भी इसे दोनों देशों के लोगों के लिए बड़ी जीत बताया. उनके अनुसार, इस समझौते से वेनेज़ुएला में करीब 100 अरब डॉलर का निजी निवेश आ सकता है. इससे हजारों नौकरियां पैदा होने और देश की अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण में मदद मिलने का दावा किया गया है. हालांकि, इस निजी साझेदारी में कौन-कौन सी कंपनियां शामिल हैं और समझौते की पूरी शर्तें क्या हैं, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है.

अमेरिका की वेनेज़ुएला के तेल पर इतनी नजर क्यों?

वेनेज़ुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडारों में से एक है. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वहां जमीन के नीचे करीब 303 अरब बैरल कच्चा तेल मौजूद है. यह दुनिया के कुल तेल भंडार का करीब 17 फीसदी बताया जाता है. सबसे बड़ा विरोधाभास यह है कि इतना विशाल भंडार होने के बावजूद वेनेज़ुएला का तेल उत्पादन वैश्विक उत्पादन का करीब 1 फीसदी ही है. इसकी बड़ी वजह देश का खराब और जर्जर तेल इंफ्रास्ट्रक्चर माना जाता है. यानी तेल जमीन के नीचे मौजूद है, उसकी लोकेशन भी बड़े पैमाने पर पता है, लेकिन उसे निकालने और रिफाइन करने की क्षमता लंबे समय से कमजोर रही है. अमेरिका इसी क्षमता को दोबारा खड़ा करने में कारोबारी अवसर देख रहा है.

वेनेज़ुएला में निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाए जाने के बाद अमेरिका और देश की नई सरकार के बीच तेल को लेकर बातचीत तेज हुई. ट्रंप पहले ही अमेरिकी तेल कंपनियों से वेनेज़ुएला लौटकर वहां काम शुरू करने की अपील कर चुके थे. डेल्सी रोड्रिगेज भी इस कहानी में अहम किरदार हैं. वह पहले मादुरो सरकार में पेट्रोलियम और हाइड्रोकार्बन मंत्री रह चुकी हैं और अब अंतरिम राष्ट्रपति के तौर पर अमेरिका के साथ इस नई व्यवस्था का हिस्सा हैं.

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