वेनेजुएला से तेल निर्यात फिर से होगा शुरू, राष्‍ट्रपति ट्रंप बोले- अमेरिका करेगा नेतृत्व

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Venezuelan oil: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला को लेकर अमेरिका के नेतृत्व में चल रही पहल की तारीफ की. उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया बहुत अच्छी तरह आगे बढ़ रही है और जल्द ही वेनेजुएला से तेल निर्यात दोबारा शुरू होने की उम्मीद है. यह व्यवस्था वाशिंगटन के समर्थन से तैयार की गई है.

ओवल ऑफिस में मीडिया से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा, “वेनेजुएला की स्थिति में नेतृत्व बहुत अच्छा काम कर रहा है. हम इस पूरी प्रक्रिया में शामिल लोगों के साथ बहुत अच्छे से तालमेल बना रहे हैं.” उन्होंने यह भी बताया कि दुनिया के कई देश जल्द ही वेनेजुएला का तेल लेना शुरू करेंगे और इस पहल में अमेरिका एक प्रमुख भूमिका निभाएगा.

क्‍या होगी तेल की कीमत, कब से शुरू होगा निर्यात?

ट्रंप ने कहा कि “हम दुनिया के देशों को आमंत्रित कर रहे हैं. वे तेल लेना शुरू करने जा रहे हैं. हम इस पूरी योजना का नेतृत्व करेंगे और अब तक यह बहुत अच्छी तरह काम कर रही है.” हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि कौन-कौन से देश इस व्यवस्था में शामिल होंगे, तेल की कीमत क्या होगी या निर्यात कब से शुरू होगा.

पहले से बेहतर होंगे हालात

उनकी यह टिप्पणी उस व्यापक बैठक का हिस्सा थी, जिसमें ईरान, यूक्रेन और अमेरिका की घरेलू नीतियों जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई. ट्रंप ने वेनेजुएला को लेकर अपने प्रयासों को एक बड़ी सफलता के रूप में पेश किया और भरोसा जताया कि इससे हालात बेहतर होंगे.

बता दें कि वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े प्रमाणित तेल भंडारों में से एक है, लेकिन बीते एक दशक में देश की तेल उत्पादन क्षमता तेजी से गिर गई है. इसकी वजह आर्थिक संकट, जर्जर होती बुनियादी ढांचा व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध बताए जाते हैं.

अमेरिका में राजनीतिक हलचल भी तेज

इस बीच, अमेरिका में राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है. हाउस ओवरसाइट और गवर्नमेंट रिफॉर्म कमेटी के डेमोक्रेट सदस्यों ने शुक्रवार को तेल व्यापार करने वाली कंपनियों विटोल और ट्रैफिगुरा से जवाब मांगा है. कमेटी के वरिष्ठ डेमोक्रेट सांसद, कैलिफोर्निया से प्रतिनिधि रॉबर्ट गार्सिया ने एक पत्र में इन कंपनियों की भूमिका पर सवाल उठाए.

आपसी हितों के बीच टकराव की आशंका  

गार्सिया ने एक पत्र के जरिए कहा कि वेनेजुएला के एक शुरुआती तेल सौदे (जिसकी कीमत करीब 500 मिलियन डॉलर बताई जा रही है) से इन कंपनियों को बड़ा मुनाफा हो सकता है. उन्होंने यह भी दावा किया कि वित्त रिकॉर्ड के मुताबिक, विटोल के वरिष्ठ ट्रेडर जॉन एडिसन ने पहले ट्रंप के चुनावी अभियान को लगभग 6 मिलियन डॉलर का चंदा दिया था. इससे संभावित हितों के टकराव की आशंका जताई गई है.

गार्सिया ने लगाया ये आरोप

गार्सिया ने कहा कि “ट्रंप प्रशासन के वेनेजुएला तेल से जुड़े संदिग्ध कारोबारी सौदे अब सामने आ रहे हैं और ओवरसाइट डेमोक्रेट्स के पास कई सवाल हैं.” उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप अपने पद का इस्तेमाल खुद को लाभ पहुंचाने के लिए कर रहे हैं, जबकि वे अमेरिकी जनता को गुमराह कर रहे हैं और वेनेजुएला का शोषण कर रहे हैं.

अपने पत्र में गार्सिया ने यह भी लिखा कि जब ट्रंप ने एकतरफा फैसला लेते हुए अमेरिकी सेना को वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए भेजा, उसके बाद प्रशासन ने साफ कर दिया था कि वह वेनेजुएला के तेल उद्योग और उसकी आय पर नियंत्रण चाहता है.

ट्रंप ने की वेनेजुएला तेल की पेशकश  

उन्होंने कहा कि इसके बाद व्हाइट हाउस ने तेल ड्रिलिंग और ट्रेडिंग कंपनियों को बुलाकर वेनेजुएला तेल से जुड़े लाभदायक अवसर पेश किए. कमेटी अब यह जानना चाहती है कि क्या इन कंपनियों को सैन्य कार्रवाई की पहले से जानकारी दी गई थी और तेल से होने वाली कमाई को कैसे मैनेज किया जा रहा है.

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