Yamuna Expressway Toll Tax: यमुना एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले जेवर और आसपास के स्थानीय लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है. पिछले 14 वर्षों से चली आ रही टोल फ्री सफर की मांग अब पूरी होने जा रही है. किसानों, किसान संगठनों और स्थानीय नागरिकों के लंबे संघर्ष के बाद यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने पात्र स्थानीय लोगों को टोल शुल्क से छूट देने का फैसला किया है. इस फैसले के बाद जेवर टोल प्लाजा पर पात्र स्थानीय नागरिकों को टोल टैक्स नहीं देना होगा. हालांकि, इस सुविधा का लाभ लेने के लिए स्थानीय लोगों को पहले अपनी गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा.
विधायक धीरेन्द्र सिंह ने दी टोल माफी की जानकारी
जेवर के बीजेपी विधायक धीरेन्द्र सिंह ने इस फैसले की जानकारी साझा करते हुए इसे श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिन का उपहार बताया है. उन्होंने बताया कि YEIDA और एक्सप्रेसवे का संचालन करने वाली सुरक्षा समूह की कंपनी के साथ कई दौर की बातचीत हुई. इस दौरान क्षेत्रवासियों के रोजाना आने-जाने की समस्या और क्षेत्र के विकास में किसानों के योगदान को प्रमुखता से रखा गया. इसके बाद जेवर टोल प्लाजा पर पात्र स्थानीय नागरिकों का टोल माफ करने का फैसला लिया गया.
फ्री सफर के लिए क्या करना होगा?
टोल माफी की सुविधा पाने के लिए स्थानीय लोगों को 38-39 किलोमीटर माइलस्टोन के पास स्थित जेवर टोल प्लाजा पर अपनी गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन कराना होगा. रजिस्ट्रेशन के लिए पात्र स्थानीय नागरिकों को अपना निवास प्रमाण पत्र, पहचान पत्र और वाहन की RC (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) की कॉपी जमा करनी होगी. इन सभी दस्तावेजों के साथ 17 सितंबर 2026 तक जेवर टोल प्लाजा के मैनेजर ऑफिस में जाना होगा. दस्तावेजों के वेरिफिकेशन के बाद रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी होगी. इसके बाद पात्र स्थानीय निवासियों को टोल-मुक्त आवागमन की सुविधा मिल सकेगी.
अभी कितना टोल टैक्स देना पड़ता है?
फिलहाल जेवर टोल प्लाजा पर अलग-अलग वाहनों के लिए अलग टोल शुल्क निर्धारित है. कार से सफर करने वालों को 120 रुपये, दो-पहिया वाहन चालकों को 60 रुपये और हल्के कमर्शियल वाहनों को 185 रुपये का टोल टैक्स देना पड़ता है. टोल माफी का फैसला लागू होने के बाद पात्र स्थानीय लोगों को रोजाना आने-जाने में इन खर्चों से राहत मिलेगी. इससे उनके रोजमर्रा के बजट में बचत होगी और ग्रेटर नोएडा से लेकर आगरा तक आने-जाने में भी सहूलियत मिलेगी. यह फैसला उन हजारों किसानों और स्थानीय नागरिकों के हितों के सम्मान के तौर पर भी देखा जा रहा है, जिनकी जमीनों पर इस एक्सप्रेसवे का निर्माण हुआ था.
यह भी पढ़े: LPG Price Today: दिल्ली-मुंबई से पटना तक जानिए घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के नए रेट