इतिहास: जब व्हाइट हाउस को अंग्रेजों ने कर दिया था आग के हवाले; जानिए वजह

Abhinav Tripathi
Sub Editor, The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Today History: व्हाइट हाउस अमेरिका की शान है. यह संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के राष्ट्रपति का सरकारी घर और दुनिया की सबसे सुरक्षित जगहों में से एक है. व्हाइट हाउस में घुस पाना संभव नहीं है. लेकिन अगर हम आप से कहें कि एक समय पर अमेरिका के व्हाइट हाउस को ब्रिटेन के सैनिकों ने आग के हवाले कर दिया था, तो शायद आप यकीन नहीं कर पाएं. हालांकि ऐसा हुआ है.

दरअसल, अमेरिका की शान व्हाइट हाउस को अब से 210 साल पहले 24 अगस्त 1814 को ब्रिटेन के सैनिकों ने आग के हवाले कर दिया था. इसके पीछे एक गजब की कहानी है. आइए आपको इसके बारे में बताते हैं.

जब आग के हवाले किया गया व्हाइट हाउस

बताया जाता है कि उस समय ब्रिटिश साम्राज्य दुनिया के महासागरों पर अपना कब्जा जमाना चाहता था. इसको पाने के लिए ब्रिटिश रॉयल नेवी ने अमेरिका के समुद्री अधिकारों का अतिक्रमण किया साथ ही नेपोलियन युद्धों के दौरान अमेरिकी व्यापार में कटौती भी की. इस उत्तर में अमेरिका ने 18 जून, 1812 को ब्रिटेन के खिलाफ जंग का ऐलान किया था. इतिहास में इसको वॉर ऑफ 1812 भी कहा जाता है.

व्हाइट हाउस को बनाया गया निशाना

वॉर ऑफ 1812 के दौरान अमेरिकी सैनिकों ने ब्रिटेन की कॉलोनी कनाडा में कई सरकारी इमारतों पर हमला किया था. इसके जवाब में ब्रिटिश फौज ने वॉशिंगटन पर हमला करने का फैसला किया. ब्रिटिस सैनिकों ने वॉशिंगटन को इस वजह से चुना था क्योंकि समुद्र से यहां पहुंचना आसान था और यहां पर जिन सैनिकों को सुरक्षा में तैनात किया गया था वह खास अनुभवी नहीं थे.

24 अगस्त 1814 को, दोनों सेनाओं के सैनिक वॉशिंगटन के बाहर मिले. हालांकि, ब्रिटिश सेना ने ब्लैडेन्सबर्ग की लड़ाई में अमेरिकी सेना को आसानी से हरा दिया. इसी दिन ब्रिटिश सैनिकों ने कैपिटल, कांग्रे लाइब्रेरी और अन्य कई सरकारी इमारतों पर आग लगा दी थी.

आग के दौरान कहां थे अमेरिका के राष्ट्रपति

बताया जाता है कि जिस समय अंग्रेस व्हाइट हाउस पहुंचे, उन्होंने पाया कि राष्ट्रपति जेम्स मैडिसन और उनकी पत्नी डॉली पहले ही वहां से भाग गए थे. रिपोर्ट्स में बताया जाता है कि तत्कालीन राष्ट्रपति जेम्स मैडिसन 22 अगस्त को युद्ध के मैदान में अपने जनरलों से मिलने के लिए व्हाइट हाउस से चले गए थे. व्हाइट हाउस से जाने से पहले उन्होंने अपनी पत्नी को किसी भी समय व्हाइट हाउस छोड़ने के लिए तैयार रहने को कहा था. ब्रिटिश फौज को डॉली मैडिसन ने व्हाइट हाउस के करीब आते देखा तो वह भी व्हाइट हाउस से भाग गईं थी. कहा जाता है कि सैनिकों ने व्हाइट हाउस में तोड़फोड़ की और उसे आग के हवाले कर दिया था. आग लगाने से पहले सैनिकों ने राष्ट्रपति भवन में बचे हुए खाने को खाया.

कितने दिनों तक व्हाइट हाउस पर रहा ब्रिटिश सैनिकों का कब्जा

उल्लेखनीय है कि व्हाइट हाउस में आग लगाने के बाद अगली सुबह, ब्रिटिश आक्रमणकारियों ने जंग के लिए गोला-बारूद और बाकी चीजों की तलाश की. हालांकि, बारूद बैरल की एक दुर्घटना में 30 ब्रिटिश सैनिकों की मौत के बाद अंग्रेजों ने वॉशिंगटन छोड़ने का फैसला किया. बाद में अमेरिका के राष्ट्रपति मैडिसन ने अपना बचा हुआ कार्यकाल शहर के ऑक्टागन हाउस में रहकर पूरा किया.

गौरतलब है कि 1812 में अमेरिका और ब्रिटेन के बीच शुरू हुई जंग करीब 2 सालों तक चली. हालांकि, अंत में कोई देश नहीं जीता. शांति संधि की शर्तें इस बात का सबूत हैं. आधुनिक में 24 दिसंबर, 1814 को गेंट की संधि पर साइन किया गया. दोनों पक्षों की पुष्टी के बाद से 17 फरवरी 1815 से यह प्रभावी हो गई थी. जो संधि हुई थी उसमें यथास्थिति पर लौटने का प्रावधान था. दोनों सेनाएं युद्ध से पहले मौजूद राज्यो में लौटने और सभी जीते हुए क्षेत्रों को बहाल करने के लिए सहमत हो गईं.

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