UNGA में दुनिया के नक्शे को बदलने वाले प्रस्ताव को मिली मंजूरी, अब वर्ल्ड मैप पर वास्तविक भौगोलिक आकार में दिखेगा अफ्रीका

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

World Map Changed:  संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में शुक्रवार को दुनिया के नक्शे को बदलने वाले एक अहम प्रस्ताव पर वोटिंग हुई. अफ्रीकी देश टोगो द्वारा वर्ल्ड मैप में बदलाव को लेकर लाए प्रस्ताव के समर्थन में 164 सदस्य देशों ने मतदान किया. जबकि एक देश ने प्रस्ताव का विरोध किया. वहीं, 6 सदस्य देशों ने वोटिंग से दूरी बनाए रखी. फिलहाल, वोटिंग के बाद भारी समर्थन के साथ वर्ल्ड मैप में बदलाव का प्रस्ताव स्वीकार किया गया, जिसके तुरंत बाद ही वर्ल्ड मैप के बदलने की कवायद पर आधिकारिक मंजूरी मिल गई.

करेक्ट द मैप प्रस्ताव पर यूएन में हुई वोटिंग

दरअसल शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में अफ्रीका के वास्तविक आकार को दर्शाने वाले ‘Correct the Map’ प्रस्ताव पर वोटिंग हुई. टोगो द्वारा लाए गए इस प्रस्ताव के पारित होने का स्वागत करते हुए संयुक्त राष्ट्र में अफ्रीकी संघ के स्थायी पर्यवेक्षक मिशन ने टोगो और अफ्रीकी समूह को बधाई दी. मिशन ने इसे वैश्विक मानचित्रों में अफ्रीका के वास्तविक भौगोलिक आकार को बेहतर ढंग से दर्शाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया.

अफ्रीकी संघ आयोग ने किया फैसले का स्वागत

अफ्रीकी संघ आयोग के अध्यक्ष महमूद अली यूसुफ ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इस पहल को आगे बढ़ाने में टोगो की नेतृत्वकारी भूमिका और अफ्रीकी देशों की एकजुटता की सराहना की. उन्होंने टोगो गणराज्य और राष्ट्रपति फॉर एसोज़िम्ना ग्नासिंगबे को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने अफ्रीकी समूह की तरफ से इस पहल का नेतृत्व किया और व्यापक अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

16 वीं शताब्दी में बना पुराना मैप नेविगेशन के लिहाज से बना था

बता दें कि 16वीं शताब्दी में विकसित यह मानचित्र मुख्य रूप से नेविगेशन के लिए बनाया गया था. अफ्रीकी संघ आयोग के अनुसार, इस मानचित्र में मर्केटर प्रोजेक्शन दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों के वास्तविक सतही क्षेत्रफल को सही तरीके से नहीं दर्शाता और विशेष रूप से अफ्रीका के आकार को वास्तविकता से काफी छोटा दिखाता है. ऐसे में आयोग ने अंतरराष्ट्रीय संस्थानों, शिक्षा प्रणालियों, प्रकाशकों और डिजिटल प्लेटफॉर्मों से आग्रह किया कि वे धीरे-धीरे ऐसे मानचित्रों को अपनाएं जो वास्तविक भू-क्षेत्रफल को अधिक सटीक रूप में दर्शाते हों.

पुराने वर्ल्ड मैप में क्या थी दिक्कत

अफ्रीकी संघ आयोग के अनुसार, पुराने वर्ल्ड मैप में मर्केटर प्रोजेक्शन ने वैश्विक भूगोल को गलत तरीके से पेश किया गया था. ऐसे में अफ्रीकी संघ ने उदाहरण देते हुए बताया कि इसमें अफ्रीका को ग्रीनलैंड के बराबर आकार का दिखाया, जबकि वास्तव में अफ्रीका उससे 14 गुना बड़ा है.

अफ्रीकी संघ ने कहा कि यह प्रस्ताव Equal Earth Projection सहित समान-क्षेत्रफल मानचित्रों के उपयोग को बढ़ावा देता है, ताकि स्कूलों, मीडिया और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में दुनिया के देशों और महाद्वीपों के वास्तविक आकार बेहतर तरीके से प्रदर्शित किए जा सकें.

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