New Delhi: विश्व समुद्री दिवस हर साल सितंबर महीने के अंतिम गुरुवार को दुनिया भर में मनाया जाता है. वैश्विक व्यापार, अर्थव्यवस्था और दैनिक जीवन में अंतरराष्ट्रीय शिपिंग (समुद्री परिवहन) के असाधारण योगदान को सम्मान देने के लिए यह दिवस मनाया जाता है. इस वर्ष यह दिवस 24 सितंबर को मनाया जा रहा है. अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) द्वारा इस बार दो वर्षों 2026 और 27 के लिए एक संयुक्त द्विवार्षिक विषय ‘नीति से व्यवहार तक, समुद्री उत्कृष्टता को सशक्त बनाना’ निर्धारित किया गया है.
कानूनों और दैनिक समुद्री संचालन में कड़ाई से लागू करना
इस थीम का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनाए गए समुद्री सुरक्षा और पर्यावरण संबंधी नियमों को केवल कागजों तक सीमित न रखकर, उन्हें जमीनी स्तर पर हर देश के कानूनों और दैनिक समुद्री संचालन में कड़ाई से लागू करना है. दुनिया का 80 प्रतिशत से अधिक व्यापार समुद्री मार्गों के जरिए होता है. कपड़े, भोजन, ईंधन और दवाइयों जैसी बुनियादी चीजें जहाजों के माध्यम से ही हम तक पहुंचती हैं.
समुद्र को प्रदूषण मुक्त रखने पर जोर
यह दिन जहाजों के सुरक्षित संचालन और समुद्र को प्रदूषण मुक्त रखने पर जोर देता है. समुद्र के कठिन रास्तों पर महीनों तक रहकर दुनिया को जोड़े रखने वाले मर्चेंट नेवी के अधिकारियों और नाविकों के प्रति आभार व्यक्त करने का यह एक विशेष अवसर है. यह दिवस पहली बार 17 मार्च 1978 को मनाया गया था. 1958 में संयुक्त राष्ट्र की विशेष एजेंसी ‘अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन’ (IMO) के कन्वेंशन को लागू किए जाने की 20वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में इसे शुरू किया गया था.
आखिरी सप्ताह में मनाने का निर्णय
बाद में इसे हर साल सितंबर के आखिरी सप्ताह में मनाने का निर्णय लिया गया. भारत में 5 अप्रैल को ‘राष्ट्रीय समुद्री दिवस’ मनाया जाता है, जबकि ‘विश्व समुद्री दिवस’ सितंबर के अंत में वैश्विक स्तर पर मनाया जाता है. दोनों अलग-अलग दिवस हैं.
इसे भी पढ़ें. 28 साल का इंतजार खत्म! मीराबाई चानू ने एशियन गेम्स में जीता सिल्वर, रचा इतिहास

