चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 7 साल बाद जाएंगे उत्तर कोरिया, किम जोंग उन के साथ करेंगे अहम बैठक

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Xi Jinping: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 8 और 9 जून को उत्तर कोरिया के दौरे पर रहेंगे, जहां वो उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन से मुलाकात करेंगे. जिसपर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है. इससे पहले भी दोनों नेता बीजिंग में मिले थे, जब चीनी मिलिट्री ने बड़ी परेड आयोजित की थी. वहीं, इस बार की खास बात ये है कि शी जिनपिंग का उत्तर कोरिया जाना है क्योंकि हालिया वर्षों में शी ने अपनी विदेश यात्राएं काफी कम कर दी हैं. साल 2019 के बाद पहली बार चीनी प्रेसिडेंट प्योंगयांग जा रहे हैं.

क्राइसिस ग्रुप में पूर्वोत्तर एशिया के सीनियर एनालिस्ट विलियम यांग ने कहा कि जिनपिंग ने ज्यादा विदेश यात्राएं नहीं की हैं. ऐसे में यह चलन बन गया है कि विदेशी नेता उनसे मिलने बीजिंग आते हैं. इस दौरान शी जिनपिंग का प्योंगयांग जाना यह दिखाता है कि चीन इस यात्रा को कितनी अहमियत देता है. एशिया सोसाइटी के मुताबिक,  साल 2013 और 2019 के बीच शी ने हर साल औसतन 14 यात्राएं कीं लेकिन 2022 से 2025 के बीच यह संख्या घटकर 6 रह गई.

चीन-उत्तर कोरिया संबंध

पारंपरिक रूप से चीन-उत्तर कोरिया संबंधों में बीजिंग सीनियर पार्टनर की भूमिका निभाता रहा है. अमेरिका स्थित एक संस्था नेशनल कमिटी ऑन नॉर्थ कोरिया के 2022 के अनुमान के मुताबिक, उत्तर कोरिया अपने व्यापार के लिए 95 प्रतिशत तक चीन पर निर्भर था. 2022 में रूस- यूक्रेन युद्ध के बाद स्थिति बदल रही है.उत्तर कोरिया ने रूस को महत्वपूर्ण हथियार, तोपखाने और सैनिक उपलब्ध कराए हैं. जिससे मॉस्को की युद्ध मशीन को चालू रखने में मदद मिली है. वहीं, साल 2023 के बाद से मॉस्को ने सैनिकों की तैनाती, तोपखाने, गोले और गाइडेड और बैलिस्टिक मिसाइलों के निर्यात के लिए उत्तर कोरिया को करीब 14.4 अरब डॉलर का भुगतान किया है.

उत्तर और दक्षिण कोरिया तनाव

तकनीकी तौर पर उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच साल 1950 से युद्ध चल रहा है, हालांकि 1953 के युद्धविराम समझौते से यह संघर्ष रुका हुआ है. दोनों देश 250 किलोमीटर (155 मील) लंबे डिमिलिटराइज़्ड जोन (सैन्य-मुक्त क्षेत्र) से अलग होते हैं, जो कोरियाई प्रायद्वीप को बांटता है. वहीं, साल 2024 में किम ने कोरिया के एकीकरण के लंबे समय से चले आ रहे लक्ष्य को छोड़ दिया था, तब से उन्होंने बातचीत के रास्ते लगभग बंद कर दिए हैं. दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने उम्मीद जताई है कि शी की यात्रा कोरियाई प्रायद्वीप से जुड़े मुद्दो को सुलझाने में रचनात्मक भूमिका निभाएगी.

More Articles Like This

Exit mobile version