Washington: बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों को निशाना बनाकर हिंसा हो रही है. यहां तक कि ढाका की सरकार उनकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रही है. भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद सुहास सुब्रमण्यम ने बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों की बिगड़ती स्थिति पर चिंता जताते हुए यह बयान दिया है. अमेरिकी सांसद ने बताया कि बांग्लादेश में हिंसा के दौरान धार्मिक स्थलों, स्मारकों, दुकानों और आम लोगों को निशाना बनाया गया है.
हमले और हत्या होते देख रहे हैं
सुब्रमण्यम ने कहा कि हमने हिंदू और अन्य धार्मिक स्मारकों और स्थलों पर हमले और उन्हें नुकसान पहुंचाते देखा है. हमने हिंदुओं और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के व्यवसायों पर हमले और उन्हें नुकसान पहुंचाते देखा है. और अब हम कई मामलों में लोगों पर हमले और उनकी हत्या होते देख रहे हैं. उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि बांग्लादेश में बढ़ती अमेरिका विरोधी भावना और हिंसा दोनों देशों के रिश्तों को नुकसान पहुंचा सकती है. उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं अमेरिका-बांग्लादेश संबंधों पर बुरा असर डाल सकती हैं.
बांग्लादेश में खास तौर पर हिंदुओं पर हुए कई हमले
अमेरिकी सांसद ने कहा कि अमेरिकी दृष्टिकोण से यह जरूरी है कि बांग्लादेश जाने वाले किसी भी व्यक्ति को उसकी जातीय पहचान, पृष्ठभूमि या धर्म के कारण किसी तरह की हिंसा या विरोध का सामना न करना पड़े. उन्होंने कहा कि इस मामले में हमने देखा है कि बांग्लादेश में खास तौर पर हिंदुओं पर कई हमले हुए हैं. वर्जीनिया से डेमोक्रेट सांसद सुहास सुब्रमण्यम के अनुसार ये घटनाएं अलग-थलग नहीं हैं बल्कि मौजूदा सरकार के सत्ता में आने के बाद से एक बड़े पैटर्न का हिस्सा हैं.
सरकार अल्पसंख्यकों की रक्षा करने में नाकाम
उन्होंने साफ कहा कि सरकार अल्पसंख्यकों की रक्षा करने में नाकाम दिख रही है और अमेरिका को यह समझना होगा कि बांग्लादेश सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए क्या कदम उठाने वाली है. उन्होंने माना कि सत्ता परिवर्तन के समय हालात तनावपूर्ण हो सकते हैं लेकिन जिस तरह लगातार हिंसा हो रही है, वह गंभीर चिंता का विषय है. उनका कहना है कि यह हिंसा सरकार बनने के तुरंत बाद से ही जारी है.
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