दोनों पीड़ित परिवारों से मिलने के बाद Akhilesh Yadav ने उठाया बड़ा सवाल, किसे बताया न्याय के लिए बड़ी चुनौती

Abhinav Tripathi
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Sub Editor, The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Akhilesh Yadav Deoria Visit: उत्तर प्रदेश के देवरिया में 2 अक्टूबर को जमीनी विवाद में हुई 6 लोगों की हत्या ने देश को हिला कर रख दिया था. इस मामले में चर्चाओं और बयानबाजी का सिलसिला जारी है. इस हत्याकांड को लेकर प्रदेश में राजनीति तेज है. ऐसे में आज समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव देवरिया पहुंचे. उन्होंने प्रेमचंद यादव और सत्यप्रकाश दुबे समेत मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की. इसके बाद उन्होंने दोनों परिवारों के परिजनों से मुलाकात की.

पीड़ित परिवार से मिले सपा मुखिया
जानकारी दें कि सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सत्यप्रकाश दुबे और प्रेमचंद के साथ मृतक परिजनों को श्रद्धांजलि दी. देवरिया पहुंचे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दोनों पीड़ित परिवारों से मुलाकात की. हालांकि सत्यप्रकाश दुबे के बड़े बेटे से अखिलेश यादव की मुलाकात नहीं हो सकी. इस दौरान उन्होंने कहा कि देवरिया कांड शासन-प्रशासन और न्याय के लिए बड़ी चुनौती है. सरकार ने स्वीकार किया है कि उसकी कमी है. छोटे अधिकारियों से गलती हुई है. इसीलिए उनके खिलाफ कार्रवाई हुई है. इस घटना को हम विधानसभा में उठाएंगे.

देवरिया की इस घटना पर उन्होंने कहा कि “मैं मानता हूं डीएम ने जो बात कही कि रिटेलिएशन में घटना हुई. प्रेम यादव की जान नहीं जाती तो किसी की जान नहीं जाती. आखिरकार सरकार क्यों इस बात को छुपाना चाहती है कि प्रेम यादव को बुलाकर के मारा और किसने मारा. आप बताइए क्या सुल्तानपुर में एक ब्राह्मण डॉक्टर को ड्रिल से नहीं मार दिया, क्या उनके परिवार के बच्चों को आपने गले लगाया?”

दुबे परिवार पर कही ये बात
आपको बता दें कि सत्यप्रकाश दुबे के बड़े बेटे ने अखिलेश यादव से मुलाकात करने से मना कर दिया था. सपा मुखिया ने कहा, “वो परिवार नहीं मिलना चाहता वो उसकी भावना है, हो सकता है उसके बेटे की भावना ना भी हो, कुछ नेता है जो उसको समझा रहे होंगे. मैं आर्थिक सहायता दोनों परिवारो की करने के लिए तैयार हूं.”

परिवार की सुरक्षा पर कही ये बात
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दोनों परिवारों की सुरक्षा को लेकर कहा, “सुरक्षा का मतलब ये थोड़ी है कि घर को परिवार को कैद कर दो, गाड़ी उठा ले जाओ यहां से. ये परिवार अगर पढ़ेगा, लिखेगा, जो सहायता चाहेगा मैं करूंगा.”

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