दक्षिण कोरिया ने उत्त़र कोरिया के विरोधी दुष्प्रचार पर लगाई रोक, उठाया बड़ा कदम

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South Korea : दक्षिण कोरिया की सेना ने पड़ोसी देश उत्तर कोरिया के साथ तनाव कम करने की दिशा में  बड़ा कदम उठाया है. बता दें कि दक्षिण कोरिया ने लाउडस्पीकर के जरिए उत्तर कोरिया विरोधी दुष्प्रचार के प्रसारण पर रोक लगाई है. उत्तर कोरिया ने मनोवैज्ञानिक युद्ध अभियान के तहत दक्षिण कोरिया की ओर कचरे से भरे गुब्बारे उड़ाए थे. जिसके कारण बाद में दक्षिण कोरिया ने पिछले साल जून में प्रसारण फिर शुरू कर दिया था.

दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने कहा

जानकारी के मुताबिक, इससे पहले दक्षिण कोरिया ने एक साल तक इस प्रसारण पर रोक लगा दी थी. दोनों देशों के बीच तनाव को लेकर दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि दोनों कोरियाई देशों के बीच विश्वास बहाली और शांति के प्रयासों को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत यह कदम उठाया गया है. इस दौरान दक्षिण कोरिया के नए राष्ट्रपति ली जे-म्यांग ने उत्तर कोरिया के साथ फिर से बातचीत शुरू करने के संकेत दिए थे.

इस युद्ध के बाद कोरिया का हुआ विभाजन

बता दें कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद वर्ष 1945 में कोरिया का विभाजन हुआ था. बता दें कि विभाजन के पहले जापान ने कोरिया पर कब्जा कर रखा था. जानाकारी के मुताबिक बाद में अमेरिका और सोवियत संघ ने कोरिया को अस्थायी रूप से दो भागों में बांट दिया. इस दौरान उत्तर में सोवियत संघ का प्रभाव और दक्षिण में अमेरिका का प्रभाव रहा.

दोनों देशों के बीच विवाद का कारण

  • उत्तर कोरिया एक एकदलीय तानाशाही प्रणाली (कम्युनिस्ट शासन) के तहत चलता है, जबकि दक्षिण कोरिया लोकतंत्र है। यह वैचारिक अंतर ही दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा टकराव पैदा करता है।
  • उत्तर कोरिया में मानवाधिकार उल्लंघन के गंभीर आरोप लगते रहे हैं। वहां से भागकर दक्षिण कोरिया आने वाले लोगों के साथ जुड़ी कहानियां भी विवाद को और गहराती हैं।
  • दक्षिण कोरिया शांति के जरिए दोनों देशों के एकीकरण की बात करता है, जबकि उत्तर कोरिया सशस्त्र बल और राजनीतिक नियंत्रण के तहत एकीकरण चाहता है।
  • दोनों देशों की सीमाओं पर अक्सर गोलीबारी होती रहती है। DMZ (Demilitarized Zone) के आसपास कई बार सैन्य झड़पें हुई हैं। उत्तर कोरिया का मिसाइल परीक्षण और परमाणु कार्यक्रम भी तनाव का बड़ा कारण है।

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