भारत में तेजी से बढ़ रहा इक्विटी कल्चर, म्यूचुअल फंड AUM में हुआ 300% से अधिक का इजाफा

Shivam
Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Shivam
Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

भारत में इक्विटी म्यूचुअल फंड का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) पिछले पांच वर्षों में 335.31% की तेज़ वृद्धि के साथ जुलाई 2025 में बढ़कर 33.32 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है, जो जुलाई 2020 में 7.65 लाख करोड़ रुपए था. यह जानकारी गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट में सामने आई है. ICRA एनालिटिक्स द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद इक्विटी म्यूचुअल फंड्स की चमक बनी हुई है.

SIP के जरिए खुदरा निवेशकों का भरोसा कायम

खुदरा निवेशक इन योजनाओं में लगातार निवेश कर रहे हैं, खासकर लंबी अवधि में संपत्ति निर्माण उद्देश्य से। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बाजार की अस्थिरता को संतुलित करने के लिए सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) एक लोकप्रिय माध्यम बनकर उभरा है. SIP से निवेशक नियमित रूप से एक निश्चित राशि निवेश करते हैं, जिससे उन्हें औसत लागत का लाभ मिलता है और बाजार के उतार-चढ़ाव का प्रभाव कम होता है.

इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में तेजी से निवेश

आईसीआरए एनालिटिक्स के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और बाजार डेटा प्रमुख अश्विनी कुमार ने कहा, पिछले कुछ वर्षों में इक्विटी म्यूचुअल फंडों में निवेश में तेज वृद्धि देखी गई है, क्योंकि निवेशक बड़ी संख्या में लंबी अवधि का नजरिया अपना रहे हैं और यह समझ रहे हैं कि अल्पकालिक बाजार में उतार-चढ़ाव वेल्थ क्रिएशन की दिशा में यात्रा का हिस्सा हैं. ऐतिहासिक आंकड़े बताते हैं कि बाजार में समय के साथ सुधार होता है और धैर्यवान निवेशकों को लाभ मिलता है.

जुलाई में थीमैटिक फंड्स में ₹9,426 करोड़ का निवेश

जुलाई में सेक्टोरल/थीमैटिक फंडों में सबसे अधिक 9,426.03 करोड़ रुपए का निवेश हुआ, क्योंकि निवेशक, विशेष रूप से खुदरा क्षेत्र में नए विकास के अवसरों की तलाश में लगे हुए हैं और अल्फा या उच्च रिटर्न अर्जित करने के रास्ते तलाश रहे हैं. कुमार ने कहा, इसके बाद फ्लेक्सी कैप फंड और स्मॉल कैप फंड का स्थान रहा, जिनमें क्रमशः 7,654.33 करोड़ रुपए और 6,484.43 करोड़ रुपए का निवेश हुआ, क्योंकि निवेशक विविध आवंटन और उच्च रिटर्न को प्राथमिकता देते हैं.

वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच इक्विटी फंड्स में निवेश मजबूत

इक्विटी म्यूचुअल फंडों में निवेश में लगातार वृद्धि देखी गई है, जुलाई 2025 में इनफ्लो 42,673 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। इसके विपरीत जुलाई 2020 में आउटफ्लो 3,845 करोड़ रुपए पर था. कुमार ने आगे कहा, वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, घरेलू निवेशक भारत की आर्थिक प्रगति को लेकर आशावादी बने हुए हैं। इस विश्वास ने उच्च अस्थिरता के दौर में भी इक्विटी म्यूचुअल फंडों में निरंतर निवेश को बढ़ावा दिया है.

Latest News

इजरायली हवाई हमले में हूती समूह के PM अहमद अल-रहवी की मौत

Sanaa: इजरायली हवाई हमले में यमन में ईरान समर्थित हूती समूह के प्रधानमंत्री अहमद अल-रहवी की मौत हो गई...

More Articles Like This