हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव का ऐलान, लिस्ट में देखें अपने-अपने क्षेत्रों में मतदान की तारीख..!

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Shimla: हिमाचल प्रदेश में अब तीन महीने की देरी से पंचायत चुनाव कराने का ऐलान कर दिया गया है. इसी के साथ ही अब प्रदेश में आचार संहिता भी लग गई है, जो अगले एक महीने तक लागू रहेगी. कुल 31,182 पदों पर चुनाव संपन्न कराए जाएंगे. शिमला में राज्य चुनाव आयुक्त अनिल खाची ने मंगलवार को चुनावों का ऐलान किया है. खाची ने कहा कि पंचायत चुनावों में उप प्रधान के लिए आरक्षण लागू नहीं होता है.

पहली बार वोट डालेंगे 51 हजार वोटर

उन्होंने बताया कि 50 लाख 48 हजार लोग इन चुनावों में वोट डालेंगे. करीब 51 हजार वोटर ऐसे हैं, जो पहली बार वोट डालेंगे. राज्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि काजा के लांग्जा के कौमिक स्कूल में मतदान केंद्र स्थापित किया गया है और यह प्रदेश में सबसे अधिक ऊंचाई पर स्थित पोलिंग स्टेशन है. आचार संहिता के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. दो स्तरों पर मतगणना की जाएगी. मतदान के बाद पंचायत मुखालय पर प्रधान, उप प्रधान और वार्ड मैंबरों के लिए वोट गिने जाएंगे.

7, 8 और 11 मई तक नामांकन 

जिला परिषद के लिए ब्लॉक स्तर पर मतगणना की जाएगी. चुनाव आयोग ने बताया कि तीन चरणों में 29 अप्रैल को चुनावी की आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी. 7, 8 और 11 मई तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे. 12 मई को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी और 14 और 15 तक उम्मीदवार अपने नामांकन वापस ले सकेंगे. 7 मई को मतदान केंद्रों की सूची चुनाव आयोग जारी करेगा. 26 मई को पहले चरण के लिए वोट डाले जाएंगे.

30 मई को होगी तीसरे चरण के लिए वोटिंग 

दूसरे चरण में 28 मई और तीसरे चरण के लिए वोटिंग 30 मई को होगी. पंचायत चुनाव की मतगणना वोटिंग के तुरंत बाद की जाएगी. वहीं, पंचायत समिति की गणना 31 मई को होगी. प्रधान के 3754, उपप्रधान के 3754, सदस्य ग्राम पंचायत के 21,654, सदस्य पंचायत समिति के 1769 और सदस्य जिला परिषद के 251 पद हैं. इस प्रकार कुल 31,182 पदों पर चुनाव संपन्न कराए जाएंगे.

एक लाख की खर्च सीमा तय

जिला परिषद के चुनाव के लिए एक लाख की खर्च सीमा तय की गई है और बाकी उम्मीदवारों के लिए खर्च करने की कोई लिमिट नहीं है. आरक्षण रोस्टर में गड़बड़ी के सवाल पर चुनाव आयुक्त अनिल खाची ने कहा कि रोस्टर जारी करना सरकार का काम होता है और चुनाव आयोग रोस्टर तय नहीं करता है. हिमाचल में 3754 पंचायतों में मतदान होगा और इन पंचायतों में 50 फीसदी के करीब पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं.

बैलेट पेपर से होंगे चुनाव 

चुनाव में करीब 40 करोड़ का खर्चा आएगा. आयोग ने बताया कि बैलेट पेपर से चुनाव होंगे और मतदाता 17 तरह के पहचान पत्र इस्तेमाल वोट डालने के लिए कर सकते हैं. हिमाचल प्रदेश में 31 जनवरी 2026 को पंचायतों का कार्यकाल खत्म हो चुका है. लेकिन सुक्खू सरकार ने इस दौरान चुनाव करवाने से हाथ खड़े कर दिए थे. सरकार ने आपदा का बहाना बनाया था. इस पर हाईकोर्ट में मामला पहुंचा था और हाईकोर्ट ने 30 अप्रैल से पहले चुनाव करवाने के आदेश दिए थे. हालांकि, बाद में सुप्रीम कोर्ट पहुंची सुक्खू सरकार को एक महीने की राहत मिली थी और 31 मई तक चुनाव करवाने की डेडलाइन तय की गई थी.

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