Pakistan : वर्तमान समय में पाकिस्तान का पंजाब प्रांत भीषण बाढ़ का सामना कर रहा है. बता दें कि भीषण बाढ़ के चलते 20 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाय गया है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जून से अब तक भारी बारिश के कारण पाकिस्तान में 800 लोगों की जान जा चुकी है. इस मामले को लेकर पाकिस्तानी एक्सपर्ट कमर चीमा ने पाक सरकार की नाकामी पर नाराजगी जाहिर की और कहा कि मुझे इस बात का अफसोस है कि साल 2022 में बाढ़ की समस्या से उबरने के लिए 11 अरब डॉलर की विदेशी मदद मिलनी थी, लेकिन अभी तक सरकार ने प्रोजेक्ट का नाम तक नही बताया.
‘पाकिस्तान में वापस सैलाब आया’
ऐसे में कमर चीमा का कहना है कि ‘पाकिस्तान में सैलाब दोबारा आ गया है, लेकिन हमारी सरकार की हुकूमत की नाकामी भी चरम पर हैं. जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि हमारे वित्त मंत्री का कहना है कि साल 2022 में पाकिस्तान को 11 अरब डॉलर बाढ़ की समस्याओं से निपटने के लिए मदद के तौर पर मिलने थे, लेकिन पाकिस्तान आज तक कोई प्रोजेक्ट ही नही पेश कर सका और न ही समस्या का समाधान कर सका.
प्रोजेक्ट नही तैयार कर सका पाकिस्तान
इस मामले को लेकर उनका कहना है कि 11 अरब डॉलर में से 4.6 अरब डॉलर ऑयल की फाइनेंसिंग थी और बाकी का 6.4 अरब डॉलर पुनर्वास और रिकंस्ट्रशन के लिए मिलना था. लेकिन अभी तक हमारी हुकूमत की मशीनरी प्रोजेक्ट्स तैयार ही नहीं कर सकी और इसके चलते हम नाकाम हो गए और हम दुनिया को कोई जचाब नही दे सकते. अगर हम प्रोजेक्ट देते तो वे आगे से पैसे देते. लेकिन जब हम प्रोजेक्ट ही नहीं दे सके तो हमारे पास कौन खड़ा होता. इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारी इतनी बड़ी ब्यूरोक्रेसी क्या कर रही है.
कई देशों ने अरबों का डॉलर देने को कहा..
ऐसे में कमर चीमा कहना है कि ‘दुनिया के कई देशों ने हमें 30 अरब डॉलर देने के लिए कहा था. इसके साथ ही 11 अरब डॉलर पर बात खत्म हुई. उन्होंने बताया कि 30 अरब डॉलर का नुकसान हुआ और हम 11 अरब डॉलर भी नहीं ले सके. उन्होंने ये भी बताया कि जिन प्रोजेक्ट्स की उन्होंने 6.4 अरब डॉलर की फाइनेंसिंग करनी थी उस समय वे उस प्रोजेक्ट्स को ही नहीं दिखा सके. उन्होंने कहा कि हम उस प्रोजेक्ट की कोई जानकारी नही दें सके जिससे हम बता नहीं सके कि यहां-यहां पैसा लगेगा. ये है हमारी पॉजीशन.’
पाक एक्सपर्ट कमर चीमा ने कहा
इस मामले को लेकर पाक एक्सपर्ट कमर चीमा का कहना है कि ‘2022 में वर्ल्ड बैंक ने भी 2.2 अरब डॉलर देने की बात की थी, जिसमें से सिर्फ 1.6 अरब डॉलर ही हम लगा पाए. प्राप्त जानकारी के अनुसार चाइना और एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक ने 1.1 अरब डॉलर देने को कहा और हम सिर्फ 250 मिलियन डॉलर ही इस्तेमाल कर पाए. इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा था कि इस्लामिक डेवलपमेंट बैंक ने 600 मिलियन डॉलर का वादा किया, लेकिन सिर्फ 231 मिलियन डॉलर आया. इस दौरान इस मामले को लेकर उनके वित्त मंत्री का कहना है कि 2047 तक पाकिस्तान तीन ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी नहीं बन सकता है.
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