मेनोपॉज से महिलाओं को इस बीमारी का बढ़ता है खतरा, इस प्रकार से करें बचाव

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Women Health Tips : आज के समय में मेनोपॉज हर महिला की जिंदगी में एक ऐसा पड़ाव है, जो शारीरिक बदलाव के साथ मानसिक बदलाव भी लेकर आता है. इसके तहत शरीर में हार्मोनल उतार-चढ़ाव होते हैं और इनका सीधा असर सेहत पर पड़ता है. इसी वजह से महिलाओं में हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. इस मामले को लेकर गायनोलॉजिस्ट का कहना है कि महिलाओं को मेनोपॉज के बाद अपने हार्ट के साथ हेल्थ की सुरक्षा को लेकर भी सावधान रहने की जरूरत होती है, ऐसे में छोटी-सी भी लापरवाही के चलते जानलेवा साबित हो सकती है.

बता दें कि मेनोपॉज के बाद महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का लेवल काफी तेजी से घटने लगता है. प्राप्‍त जानकारी के अनुसार यह हार्मोन हृदय को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाता है. इतना ही नही डॉ. के मुताबिक, एस्ट्रोजन की कमी से कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है, जिससे आगे चलकर काफी समस्‍याओं का सामना करना पड़ सकता है. यही कारण है कि 45 से 55 साल की उम्र की महिलाओं में हार्ट डिजीज का खतरा ज्यादा पाया जाता है.

हार्ट अटैक के शुरुआती  लक्षण

मुख्‍य रूप से कई बार महिलाएं हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षणों को थकान या कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देती हैं.

  • छाती या बाएं हाथ में दर्द
  • अचानक पसीना आना
  • चक्कर आना
  • सांसफूलना
  • ये सभी हार्टअटैक की ओर संकेत कर सकते हैं

इस प्रकार करें बचाव

  • डॉ. के अनुसार इस बीमारी के बाद हेल्दीलाइफस्टाइल अपनाकर हार्ट डिजीज का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है.
  • हेल्दीडाइट लें – अपने खाने में फास्‍टफूड को छोड़कर ताजे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और हेल्दी फैट्स को डाइट में शामिल करें.
  • रेगुलरएक्सरसाइज करें – ऐसे में रोजाना एक्‍सरसाइज करना सेहत के लिए काफी अच्‍छा है इस दौरान योग या हल्की एक्सरसाइज करें.
  • स्ट्रेसको कम करें – जानकारी देते हुए बता दें कि मेनोपॉज के कारण तनाव अधिक बढ़ता है, इसलिए मेडिटेशन और प्राणायाम का सहारा लें.
  • नियमितचेकअप कराएं – ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और शुगर लेवल समय-समय पर जरूर जांचें.
  • स्मोकिंगऔर अल्कोहल से दूरी – इन सभी चीजों से हमेशा दूर रहे.

विशेष रूप से इन बातों का रखें ध्‍यान

  • समयानुसारनींद लें और देर रात तक जागने से बचें. आपकी सेहत के लिए हानिकारक है.
  • शरीर के वजन कोकंट्रोल में रखें. इससे सांस लेने में दिक्‍कत हो सकती है.
  • अगर किसी महिला को पहले सेडायबिटीज या हाइपरटेंशन है तो उन्‍हें अधिक सावधानी बरतनी चाहिए.

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