भारत की कॉफी इंडस्ट्री 2028 तक 8.9% के CAGR से बढ़ने का अनुमान

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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कॉफी बोर्ड ऑफ इंडिया के अनुसार, भारत दुनिया का सातवां सबसे बड़ा कॉफी उत्पादक देश है और ग्लोबल कॉफी प्रोडक्शन में लगभग 3.5 प्रतिशत का योगदान देता है. देश हर साल करीब 3.6 लाख टन कॉफी का उत्पादन करता है, जिसमें से लगभग 70 प्रतिशत 128 देशों को निर्यात किया जाता है, जो भारतीय कॉफी की बढ़ती वैश्विक मांग को दर्शाता है. केंद्र सरकार के अनुसार, कॉफी सेक्टर भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक अहम हिस्सा है, जो खेती, प्रोसेसिंग और व्यापार में लगे दो मिलियन से अधिक लोगों की रोजी-रोटी का स्रोत है.

कॉफी बनाने वाले देशों में 5वां सबसे बड़ा कॉफी निर्यातक भारत

भारत में कॉफी क्षेत्र की बात करें तो भारत में कॉफी इंडस्ट्री मुख्य रूप से कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु जैसे कॉफी उगाने वाले बड़े राज्यों में है, जो मिलकर देश के कुल कॉफी उत्पादन का लगभग 96% हिस्सा हैं. इनमें कर्नाटक 2,80,275 मीट्रिक टन के प्रोडक्शन के साथ सबसे आगे है, इसके बाद केरल और तमिलनाडु का स्थान आता है. केंद्र के अनुसार, भारत कॉफी बनाने वाले देशों में 5वां सबसे बड़ा कॉफी निर्यातक है और दुनिया भर के कॉफी बनाने वाले देशों से होने वाले कुल कॉफी निर्यात में इसका हिस्सा लगभग 5 प्रतिशत है.

1 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक रहा भारत का कॉफी निर्यात

पिछले चार वर्षों में भारत का कॉफी निर्यात लगातार 1 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक रहा है और FY24-25 में यह रिकॉर्ड 1.8 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया. इससे पहले यह निर्यात 1.29 अरब अमेरिकी डॉलर था, जो 40 प्रतिशत की बढ़त को दर्शाता है. वैश्विक भू-राजनैतिक चुनौतियों के बावजूद, अप्रैल से सितंबर 2025 तक भारत का निर्यात 1.07 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 15.5% की वृद्धि दर्शाता है. कॉफी का बहुत अधिक आर्थिक और सांस्कृतिक महत्व है. भारतीय कॉफी के लिए टॉप 5 निर्यात गंतव्यों में इटली, जर्मनी, बेल्जियम, रशियन फेडरेशन और यूनाइटेड अरब अमीरात का नाम आता है.

प्रति व्यक्ति कॉफी की बढ़ेगी खपत

हाल ही में केंद्र की ओर से कॉफी एक्सट्रैक्ट, एसेंस और इंस्टेंट कॉफी पर जीएसटी की दर को 18% से घटाकर 5% कर दिया गया है. यह कदम देश के कॉफी सेक्टर के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे घरेलू मार्केट मजबूत होगा और प्रति व्यक्ति कॉफी की खपत बढ़ेगी. भारत की तेजी से बढ़ती कॉफी इंडस्ट्री का भविष्य उज्जवल दिख रहा है और अनुमान है कि 2028 तक मार्केट 8.9% की CAGR से बढ़ेगा. साथ ही, कॉफी बोर्ड ऑफ इंडिया ने 2047 तक देश में कॉफी उत्पादन को 9 लाख टन तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है.

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