अमेरिका और ईरान के बीच लगातार हमले जारी हैं, जिससे हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं. ईरान अलग-अलग देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है, जबकि अमेरिका और इजरायल भी जवाबी कार्रवाई में सक्रिय हैं. अमेरिकी-इजरायली हमलों में ईरान में मृतकों की संख्या 500 से अधिक हो चुकी है. साथ ही देश में पिछले 48 घंटे से ज्यादा समय से इंटरनेट सेवाएं बाधित हैं. अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक ईरानी रेड क्रिसेंट सोसायटी ने बताया कि इन हमलों में अब तक कम से कम 555 लोगों की मौत हो चुकी है.
इंटरनेट शटडाउन और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
इसके अलावा, साइबर सिक्योरिटी वॉचडॉग नेटब्लॉक्स ने कहा कि अमेरिका-इजरायल हमले के बीच ईरान में इंटरनेट 48 घंटे से ज्यादा समय से बंद है. सोमवार को युद्ध का तीसरा दिन है. नेटब्लॉक्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “इंटरनेट शटडाउन सरकार का एक तरीका है; जनवरी में पिछली बार ऐसा हुआ था, जो कई हफ्तों तक चला था और गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन को छिपाया गया था.” वहीं अमेरिकी मीडिया ने बताया कि कुछ ऑनलाइन कनेक्टिविटी है और पिछले महीने की तरह पूरी तरह ब्लैकआउट नहीं हुआ है.
दूसरी तरफ चीन के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को पुष्टि की है कि ईरान में एक चीनी नागरिक की मौत हो गई है. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने कहा, तेहरान में एक चीनी नागरिक हाल ही में मिलिट्री लड़ाई से प्रभावित हुआ था और बदकिस्मती से मारा गया. हम मारे गए नागरिक के लिए अपनी संवेदनाएं जताते हैं और पीड़ित के परिवार के प्रति अपनी हमदर्दी जताते हैं. निंग ने कहा कि 2 मार्च तक ईरान से करीब 3,000 चीनी नागरिकों को निकाला जा चुका है.
तेहरान और सनंदाज में नए हमले
अमेरिकी मीडिया के मुताबिक सोमवार सुबह ईरान की राजधानी तेहरान में कई नए धमाकों की आवाजें सुनी गईं. वहीं ईरानी सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि पश्चिमी शहर सनंदाज पर मिसाइलों की लगातार बौछार की गई. तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार हमले शहर के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर किए गए. एजेंसी द्वारा जारी तस्वीरों में आपातकालीन टीमें बुरी तरह क्षतिग्रस्त इमारतों के मलबे में फंसे लोगों की तलाश करती नजर आ रही हैं.
अस्पताल भी हमलों की चपेट में
वहीं सरकारी न्यूज एजेंसी आईआरएनए ने कहा कि सनंदाज पर हुए हमलों में तीन लोग मारे गए. ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया कि तेहरान में रविवार रात शहर के उत्तर में एक हॉस्पिटल से मरीजों को निकालना पड़ा, क्योंकि अमेरिकी-इजरायली हमलों में यह अस्पताल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था. ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर आईआरआईबी द्वारा पोस्ट किए गए फुटेज में गांधी हॉस्पिटल का डैमेज्ड बाहरी हिस्सा दिख रहा है और सड़क पर मलबा और कांच बिखरे हुए हैं.
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