US-Israel : अमेरिका-इजरायल की ओर से ईरान पर किए गए ताबड़तोड़ हमलों में उनके सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई. यही नहीं बल्कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की दूसरी और तीसरी लीडरशिप के भी खात्मे का दावा किया है. उन्होंने कहा कि यूएस-इजरायल के हवाई हमले में वह लोग भी मारे गए हैं, जिनको उनका संभावित उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा था. फिलहाल अभी यह स्पष्ट नही पाया है कि ईरान की अगुवाई अब कौन करेगा.
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले को लेकर ट्रंप का कहना है कि ‘अमेरिका-इजरायल का ईरान पर किए गए हमले की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सत्ता संभालने वाले ज्यादातर उम्मीदवार मारे जा चुके हैं, इसके साथ ही उन्होंने ये भी दावा किया कि दूसरे और तीसरे लेवल की लीडरशिप वाले भी खत्म हो चुके हैं.’ ऐसे में हालात को देखते हुए अभी तक यह स्पष्ट नही हुआ कि अगला नेता कौन बनेगा.
पेंटागन ने ऑपरेशन को नाम दिया ‘एपिक फ्यूरी‘
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस हमले में खामेनेई के परिवार के चार सदस्यों की मौत का दावा किया जा रहा है, पुष्टि के मुताबिक, उनकी एक बेटी और पोता भी शामिल बताए जा रहे हैं. बता दें कि पेंटागन ने इस ऑपरेशन को ‘एपिक फ्यूरी’ नाम दिया है और बताया है कि तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए और पांच गंभीर रूप से घायल हुए.
अराफी को माना जा रहा अंतरिम नेता
ईरानी संविधान के मुताबिक, राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, न्यायपालिका प्रमुख और संरक्षक परिषद के वरिष्ठ धर्मगुरु अयातुल्ला अलीरेजा अराफी वाली अस्थायी परिषद अंतरिम रूप से सर्वोच्च नेता को मिली शक्तियां संभालेगी. इसके साथ ही अराफी को अंतरिम नेता माना जा रहा है. फिलहाल खामेनेई के मौत के बाद अभी तक उन्होंने कोई स्पष्ट भाषण नहीं दिया है. इसके साथ ही ईरान का संविधान उन राजनीतिक गुटों पर प्रतिबंध लगाता है जो इस्लामी गणराज्य या सर्वोच्च नेता की संस्था को स्वीकार नहीं करते हैं, जिससे कोई औपचारिक विपक्ष नहीं बचता जो कोई विकल्प प्रस्तुत कर सके.
जानकारी के मुताबिक, रजा पहलवी ने ईरान में प्रदर्शनकारियों के बीच प्रमुख चेहरे के तौर पर ध्यान खींचा है, लेकिन अभी तक उन्हें ट्रंप की ओर से कोई सार्वजनिक समर्थन मिलता हुआ नजर नहीं आया है.
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