ईरान में प्रोटेस्ट के बीच ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों को दिया ऑफर तो भड़का ईरान, अमेरिका के गिनाए अपराध

Must Read

Iran-America : ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी अधिकारियों के ईरान के आंतरिक मामलों पर टिप्पणियों को लेकर कड़ी निंदा की. उन्‍होंने सोशल मीडिया के एक्‍स पर पोस्‍ट करते हुए कहा कि अमेरिका का गैर-जिम्मेदाराना रवैया, जो ईरानी राष्ट्र के प्रति उनकी दादागिरी को दर्शाता है. ये राष्ट्रीय संप्रभुता के सम्मान से संबंधित संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के मूलभूत सिद्धांतों का भी घोर उल्लंघन हैं. इसके साथ ही ईरानी विदेश मंत्रालय ने ईरानी नागरिकों के खिलाफ हिंसा और आतंकवाद को भड़काने के समान बताया है.

प्राप्‍त जानकारी के अनुसार अमेरिकी प्रशासन के ईरान में हस्तक्षेपों के लंबे इतिहास को याद करते हुए ईरानी विदेश मंत्रालय का कहना है कि हम उनके राष्ट्र के प्रति चिंता के दावों को पाखंड मानते हैं और इनका उद्देश्य जनमत को गुमराह करना और ईरानियों के खिलाफ किए गए असंख्य अपराधों को छुपाना है.

बुनियादी ढांचे और संरक्षित परमाणु सुविधाओं पर हमला

इसके साथ ही ईरानी विदेश मंत्रालय ने पोस्ट के दौरान बताया कि ईरानी जनता के खिलाफ 8 साल के इराक युद्ध के दौरान सद्दाम हुसैन के शासन के साथ सहयोग. प्राप्‍त जानकारी के अनुसार 1988 में फारस की खाड़ी में ईरानी नागरिक यात्री विमान को गिराना. इसके साथ ही 300 निर्दोष लोगों की हत्या, जून 2025 में ईरान के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और संरक्षित परमाणु सुविधाओं पर हमलों के साथ-साथ ईरानियों की हत्या और कत्ल में इजरायली शासन के साथ संलिप्तता और साझेदारी.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों पर दिया जोर

इतना ही नही बल्कि ईरानी विदेश मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और संयुक्त राष्ट्र महासचिव के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों पर जोर दिया है, ऐसे में माना जा रहा है कि चार्टर के अनुसार अमेरिका की आक्रामक एकतरफा नीतियों के मद्देनजर रक्षा के लिए आवश्यक हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें कहा गया है कि ईरानी अपने बीच संवाद और बातचीत के माध्यम से अपनी समस्याओं का समाधान करेंगे.

अमेरिकी अधिकारियों की धमकी को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा

बता दें कि अमेरिकी अधिकारियों की धमकी को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान ज़ायोनी शासन की उस नीति के अनुरूप मानता है और इसका मकसद क्षेत्र में तनाव बढ़ाना है. इस मामले को लेकर उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की आक्रामकता के जवाब में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की प्रतिक्रिया त्वरित, निर्णायक और व्यापक होगी. ऐसे में इसकी पूरी जिम्मेदारी अमेरिकी शासन की होगी.

इसे भी पढ़ें :- वेनेजुएला पर हमले के बाद ट्रंप का बड़ा दावा, बोले- ‘राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी…’

Latest News

25 October 2026 Ka Panchang: रविवार का पंचांग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

Panchang 25 October 2026: 25 अक्टूबर 2026, रविवार को शरद पूर्णिमा का व्रत रखा जाएगा. हिंदू धर्म में शरद...

More Articles Like This