Iran Russia Relations: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन अगले सप्ताह मास्को दौरे पर जाएगे, जहां वो रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेंगे. ईरानी मीडिया के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच आर्थिक सहयोग और भू-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है.
ईरानी समाचार एजेंसी के अनुसार, पेजेश्कियन 27 अक्टूबर को ‘गैस एक्सपोर्टिंग कंट्रीज फोरम’ (जीईसीएफ) यानी गैस निर्यातक देशों के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए रूस का दौरा करेंगे. इस दौरान सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष एक दूसरे से मिलेंगे.
8वें शिखर सम्मेलन में शामिल होगें पेजेश्कियान
रूस में ईरान के राजदूत काजेम जलाली ने कहा कि “ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान मंगलवार को मास्को आएंगे. वे यहां जीईसीएफ सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों के 8वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे.” काजेम जलाली ने बताया कि राष्ट्रपति की यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है. जलाली के अनुसार, बैठक में आर्थिक सहयोग के साथ-साथ भू-राजनीतिक मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी. रूस और ईरान के बीच पिछले कुछ वर्षों में संबंध और मजबूत हुए हैं.
फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के पूर्ण पैमाने पर सैन्य हमले के बाद दोनों देशों के बीच नजदीकी बढ़ी है. दोनों देश अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना कर रहे हैं और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शुक्रवार को संकेत दिया था कि अगले सप्ताह दोनों देशों के राष्ट्रपतियों की मौजूदगी में बातचीत होगी. इससे पहले रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने इस सप्ताह ईरान का दौरा किया था.
ईरान के बीच सहयोग पहले से कहीं अधिक मजबूत
बता दें कि मध्य पूर्व संघर्ष शुरू होने के बाद यह उनकी पहली ईरान यात्रा थी. इस दौरान अराघची ने कहा था कि रूस और ईरान के बीच सहयोग पहले से कहीं अधिक मजबूत है. अक्टूबर की शुरुआत में पुतिन ने कहा था कि रूस युद्ध समाप्त कराने के प्रयासों में मध्यस्थता करने के लिए तैयार है. यह युद्ध फरवरी में अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद शुरू हुआ था. वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत कई महीनों से रुकी हुई है. अमेरिका और इजरायल दोनों ने ईरान पर फिर से हमले शुरू करने की धमकी दी है. ऐसे में पुतिन और पेजेश्कियन की प्रस्तावित बैठक को क्षेत्रीय तनाव, संघर्ष समाप्त कराने के प्रयासों और रूस-ईरान संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

