Bangladesh violence: बांग्लादेश में भड़की हिंसा में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है. बीते दिनों बांग्लादेश के शरियतपुर जिले में एक हिंदू व्यापारी को घायल करने के बाद आग के हवाले कर दिया गया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी. इस मामले में रविवार को तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया.
घायल करने के बाद किया था आग के हवाले
मालूम हो किढाका से लगभग 100 किलोमीटर दक्षिण में स्थित शरियतपुर जिले के केउरभंगा बाजार के पास बीते बुधवार रात 50 वर्षीय खोकन चंद्र दास पर हमला कर घायल करने के बाद आग आग के हवले कर दिया गया था. अस्पताल में इलाज के दौरान शनिवार को उसने दम तोड़ दिया. प्रोथोम आलो अखबार ने बताया कि रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) की एक टीम ने रविवार की सुबह ढाका से लगभग 100 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित किशोरगंज से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया.
इस रूप में हुई गिरफ्तार लोगों की पहचान
गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान 27 वर्षीय दामुदयार सोहाग खान, 21 वर्षीय रब्बी मोल्या और 25 वर्षीय पलाश सरदार के रूप में हुई है. आरएबी मदारीपुर कैंप कंपनी कमांडर पुलिस अधीक्षक मीर मोनिर हुसैन ने प्रोथोम अलो को बताया कि आरोपियों को किशोरगंज से मदारीपुर कैंप लाया जा रहा है.
मदारीपुर शरीयतपुर से लगभग 20 किलोमीटर दूर है. दवा की दुकान और मोबाइल बैंकिंग का कारोबार चलाने वाले दास एक ऑटो रिक्शा में यात्रा कर रहे थे, तभी हमलावरों ने वाहन को रोक लिया था. इस दौरान कथित तौर पर उनकी पिटाई की, धारदार हथियारों से उन पर वार किए और फिर उनके सिर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी. खुद को बचाने के लिए दास ने सड़क किनारे बने तालाब में कूद गया था. मीडिया रिपोर्टों में गुरुवार को इस घटना का जिक्र किया गया था.
पुलिस ने बताया कि घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए. पुलिस ने आगे बताया कि स्थानीय लोगों ने उसे बचाया और शरियतपुर सदर अस्पताल ले गए. जहां चोटों की गंभीरता को देखते हुए उसे ढाका रेफर कर दिया गया.
ढाका के डॉक्टरों ने बताया कि दास के शरीर पर कई चोटें आई थीं, जिनमें पेट में गंभीर घाव के साथ-साथ चेहरे, सिर और हाथों पर जलने के निशान भी शामिल थे. बीडीन्यूज 24 के अनुसार, शरियतपुर के पुलिस अधीक्षक रौनक जहां ने बताया कि पीड़ित ने अपनी मृत्यु से पहले आरोपी का नाम लिया था.

