Washington: ईरान में मौजूद सभी अमेरिकी नागरिकों को बिना देरी किए देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है. खाड़ी देश ईरान में जारी भीषण नागरिक अशांति और सरकार के हिंसक दमन के बीच अमेरिका ने कड़ा रुख अपनाया है. डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने सोमवार 12 जनवरी 2026 को यह आपातकालीन सुरक्षा चेतावनी जारी की है. व्हाइट हाउस की ओर से संकेत मिल रहे हैं कि यदि ईरान में हिंसा नहीं रुकी तो अमेरिका सैन्य विकल्पों (Airstrikes) पर भी विचार कर सकता है.
बड़ी एयरलाइंस की उड़ानें 16 जनवरी तक रद्द या सीमित
इसी बीच ईरान में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय विमानन सेवाओं ने हाथ खींच लिए हैं. एमिरेट्स, फ्लाईदुबई, तुर्किश एयरलाइंस और लुफ्थांसा जैसी बड़ी एयरलाइंस ने अपनी उड़ानें 16 जनवरी तक रद्द या सीमित कर दी हैं. अमेरिका ने अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे तुर्किये या आर्मेनिया की सीमाओं के रास्ते सड़क मार्ग से निकलने की कोशिश करें.
अब तक मारे जा चुके हैं 646 लोग
ईरान में पिछले दो हफ्तों से महंगाई, आर्थिक बदहाली और शासन के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन हो रहे हैं. मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक सुरक्षा बलों की गोलीबारी में अब तक 646 लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें 500 से ज्यादा प्रदर्शनकारी शामिल हैं. ईरान सरकार ने 8 जनवरी से ही पूरे देश में इंटरनेट ब्लैकआउट कर दिया है, जिससे दुनिया का संपर्क वहां से लगभग कट गया है. करीब 10,000 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर जेलों में डाल दिया गया है.
ईरानी-अमेरिकी नागरिकों के लिए चेतावनी
अमेरिकी विदेश मंत्रालय (State Department) ने विशेष रूप से ईरानी-अमेरिकी (Dual Citizens) नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की है. ईरान सरकार दोहरी नागरिकता को मान्यता नहीं देती. वहां पकड़े जाने पर इन नागरिकों को ईरानी मानकर उन पर जासूसी के आरोप या सख्त शरिया कानून थोपे जा सकते हैं.
ईरान में अमेरिका का कोई दूतावास नहीं
अमेरिकी पासपोर्ट रखना या अमेरिका से किसी भी तरह का संबंध होना ही पूछताछ और प्रताड़ना के लिए काफी है. ईरान में अमेरिका का कोई दूतावास नहीं है इसलिए संकट के समय अमेरिकी सरकार नागरिकों तक सीधी मदद नहीं पहुंचा पाएगी. मदद के लिए केवल स्विट्जरलैंड के दूतावास पर निर्भर रहना होगा.
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