India Pakistan conflict: भारत और पाकिस्तान के बीच साल 2025 में कई बार संघर्ष देखने को मिला, जिसे लेकर अब अंतरराष्ट्रीय थिंक टैंक SIPRI ने भी चेतावनी दी है. उनका कहना है कि तनाव के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार फर्जी सूचनाओं ने हालात को और गंभीर बना दिया था, जो आसानी से लंबा संघर्ष बन सकता था. यहां तक कि दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच सीधे परमाणु टकराव का खतरा भी पैदा हो सकता था.
स्वीडन स्थित स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) ने मंगलवार को अपनी वेबसाइट पर यह रिसर्च नोट जारी किया. रिपोर्ट का शीर्षक है Addressing Multi-Domain Nuclear Escalation Risk इसमें भारत-पाकिस्तान के हालिया संघर्ष, ईरान से जुड़े इज़रायल के ऑपरेशन और रूस-यूक्रेन युद्ध का विश्लेषण किया गया है.
फर्जी जानकारियां बढ़ा सकती है तनाव
रिपोर्ट में साल 2025 के भारत-पाक संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा गया है कि AI से तैयार गलत सूचनाओं ने युद्ध से जुड़े हालात की समझ को बिगाड़ दिया. इस तरह की फर्जी जानकारियां संघर्ष को और भड़का सकती थीं और परमाणु टकराव की आशंका भी बन सकती थी.
सैन्य सफलता और कब्जे का दिखाया गया झूठा दावा
SIPRI की ओर से ये भी जानकारी दी गई है कि भविष्य में ऐसे AI-आधारित दुष्प्रचार अभियान और ज्यादा खतरनाक साबित हो सकते हैं, क्योंकि वे जमीनी सच्चाई को छिपाकर परमाणु हथियार रखने वाले देशों के रणनीतिक फैसलों को प्रभावित कर सकते हैं. वहीं, भारत द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान फैले फर्जी कंटेंट पर SIPRI ने सूचना माहौल को सनसनीखेज तमाशा बताया है. उनका कहना है कि AI से बने वीडियो और तस्वीरों के जरिए दोनों तरफ से सैन्य सफलता और इलाके पर कब्जे के झूठे दावे मुख्यधारा के मीडिया तक में दिखाए गए.
किसी तरह का कोई परमाणु खतरा नहीं: भारत
हालांकि, भारतीय सैन्य नेतृत्व ने पहले ही साफ किया है कि उस संकट के दौरान किसी भी तरह का परमाणु खतरा नहीं था. सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 13 जनवरी को कहा था कि पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारत के डीजीएमओ से बातचीत में परमाणु धमकी का कोई जिक्र नहीं किया. उन्होंने कहा कि डीजीएमओ स्तर की बातचीत में परमाणु मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई. जो भी परमाणु बयानबाजी हुई, वह पाकिस्तान के राजनेताओं की ओर से थी.
इसे भी पढें:-‘एक भी क्षेत्र सुरक्षित नहीं, उनकी पूरी दुनिया में लगा देंगे आग’, ट्रंप की धमकी पर ईरानी जनरल का पलटवार

