ईरान में कैसे जाएगी खामेनेई की सत्ता? पेंटागन ने तैयार कर लिया तख्तापलट का निर्णायक प्लान

Aarti Kushwaha
Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Aarti Kushwaha
Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Iran Politics: ईरान में लंबे समय से जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने खामेनेई सरकार के तख्‍तापलट का प्‍लान तैयार कर लिया है, जिसे जल्‍द ही राष्ट्रपति ट्रंप के सामने पेश किया जाएगा. दरअसल अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने14 जनवरी को एक हाईलेवल मीटिंग में अधिकारियों से निर्णायक प्लान तैयार करने के लिए कहा था, जिसे पेंटागन ने व्‍हाइट हाऊस के अधिकारियों के साथ मिलकर तैयार कर लिया है.

वॉल स्ट्रीट जनरल के मुताबिक, फिलहाल ईरान में शांति है, प्रदर्शनकारियों पर काबू पा लिया गया है, हालांकि इसके बाद भी पेंटागन के अधिकारी तेहरान को लेकर माथापच्ची कर रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, पेंटागन के अधिकारियों ने काफी मशक्कत के बाद एक प्लान तैयार किया है, जिसमें ईरान में हमले हवाई और जमींनी दोनों हमले शामिल है.

रिवोल्‍यूशनरी गार्ड के ठिकानों पर अमेरिका कर सकता है हमला

रिपोर्ट में वॉल स्ट्रीट जनरल ने बताया कि पेंटागन द्वारा ईरान को लेकर जो प्लान तैयार किया गया है, उसमें ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड के कुछ ठिकानों पर हमला भी है. यह रिपोर्ट हवाई और जमीनी दोनों हमले के मद्देनजर तैयार किया गया है. दरअसल, ईरान में रिवोल्यूशनरी गार्ड को काफी अहम माना जाता है. इसके पास 1.5 लाख एक्टिव सदस्य हैं, जिसका मुख्य काम इस्लामिक गणराज्य व्यवस्था को बनाए रखना है.

पेंटागन ने यह प्लान ऐसे समय मे तैयार किया है, जब सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई अंडरग्राउंड हो गए हैं. बीबीसी फारसी के मुताबिक 17 जनवरी को आखिरी बार खामेनेई को देखा गया था. इसके बाद वे अंडरग्राउंड हो गए हैं. खामेनेई को जून 2025 में भी अंडरग्राउंड कर दिया गया था.

ईरान में तख्तापलट की कोशिश क्यों?

ईरान मिडिल ईस्ट का सबसे अहम देश है. यहां दुनिया का दूसरा सबसे ज्यादा तेल और नेचुरल गैस का भंडार है. इसके अलावा ईरान का होर्मुज स्ट्रेट पर कब्जा है, जो व्यापारिक दृष्टिकोण से सबसे अहम माना जाता है. इसी रास्‍ते से दुनियाभर का 20 प्रतिशत तेल व्यापार होता है. बता दें कि 1979 के बाद से ही यहां अमेरिका का कंट्रोल खत्म हो गया था और अमेरिका अब इसे किसी भी हाल में वापस पाना चाहता है.

अमेरिका के धूर-विरोधी है खामेनेई

इतना ही नहीं, ईरान के वर्तमान सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई अमेरिका के धुर-विरोधी हैं. कई बार वो अमेरिका पर सीधे हमला कर चुके है. वहीं मीडि‍ल ईस्‍ट का कहना है कि ईरान लगातार प्रॉक्सी संगठनों के जरिए पूरे इलाके को कंट्रोल करना चाहता है. हिजबुल्लाह, हमास और हूती को ईरान का प्रमुख प्रॉक्सी संगठन माना जाता है.

ईरान में तख्तापलट क्यों नहीं आसान?

बता दें कि ईरान की शासन व्यवस्था काफी जटिल है. वहां एक ओर सुप्रीम लीडर खामेनेई के पास सेना और न्यायपालिका से जुड़े सभी अधिकार हैं. वहीं दूसरी तरफ वहां पर राष्ट्रपति चुनकर आते हैं, जिनके जिम्मे आर्थिक हालात को सुधारना और नीति तैयार करना है. इसके अलावा, यहां कैबिनेट और सांसद व्‍यवस्‍था भी है, यानी सिर्फ खामेनेई को सत्‍ता से हटकार तख्‍तापलट नहीं किया जा सकता है.

इसे भी पढें:-Q3 FY26: श्रम कानूनों का असर, IT कंपनियों के मुनाफे में गिरावट, आगे सुधार की उम्मीद

Latest News

PM-VBRY Scheme: 81% कंपनियों को योजना की जानकारी, स्टार्टअप्स में जागरूकता बेहद कम

PM-VBRY Scheme: भारत में लगभग 81% नियोक्ता और कंपनियां प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) से परिचित हैं. इस...

More Articles Like This